नयी दिल्ली , जनवरी 24 -- रेलवे ने कहा है कि खाद्यान्न (चावल) से भरी पहली पूरी मालगाड़ी (रैक) 22 जनवरी को अनंतनाग पहुंची, जो कश्मीर घाटी में माल परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इस क्षेत्र में हर मौसम में चलने वाली रेल संपर्क सेवा की मजबूती को दर्शाती है।

रेलवे ने कहा "अपनी तरह की इस पहली उपलब्धि में भारतीय खाद्य निगम के साथ निरंतर समन्वय के बाद रसद लागत को कम करते हुए 2,768 टन चावल से भरी 42 वैगन वाली एक पूरी मालगाड़ी को अनंतनाग माल गोदाम तक पहुंचाया गया।

मंत्रालय ने कहा है कि उसकी सेवाएं कश्मीर घाटी में प्रतिकूल मौसम के बावजूद हर मौसम में संपर्क सुविधा, विश्वसनीय खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित करती है और माल परिवहन लागत को कम करती है।

रेलवे ने कहा है कि पहले उसके द्वारा केवल 21 वैगन वाली छोटी मालगाड़ियां ही चलाई जाती थीं जिनमें 1,384 टन अनाज होता था लेकिन इस बार पूरी मालगाड़ी को 21 जनवरी को पंजाब के संगरूर रेलवे टर्मिनल से सफलतापूर्वक लोड किया गया जो 24 घंटे के भीतर अनंतनाग पहुंची। एक दिन पहले खराब मौसम के कारण माल उतारने में बाधा आने के बावजूद मालगाड़ी को सफलतापूर्वक लोड किया गया जिससे घाटी में अनाज की आपूर्ति और वितरण नेटवर्क को काफी मजबूती मिली।

मंत्रालय ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह कश्मीर घाटी में खाद्यान्न वितरण नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है और इससे छोटी मालगाड़ियों और सड़क परिवहन से पूरी क्षमता वाली मालगाड़ियों में परिवर्तन से समग्र रसद और माल ढुलाई लागत में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। इसके साथ ही आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही तेज और अधिक विश्वसनीय हो सकेगी। इससे घाटी में विशेष रूप से प्रतिकूल मौसम की स्थिति में पर्याप्त भंडार बनाए रखने में मदद मिलेगी और स्थानीय परिवारों के लिए खाद्यान्न की उपलब्धता में सुधार होगा।

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