हैदराबाद , अप्रैल 20 -- तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने सोमवार को जगद्गुरु बसवेश्वर की 839वीं जयंती के मौके पर टैंक बंड में उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और समाज सुधारों की उनकी हमेशा रहने वाली विरासत पर रोशनी डाली।

सुश्री कविता ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जगद्गुरु बसवेश्वर के जन्म से एक सामाजिक क्रांति की शुरुआत हुई और समानता और न्याय पर उनकी शिक्षाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी। उन्होंने जाति, रंग और लिंग के आधार पर भेदभाव के खिलाफ उनके मज़बूत निर्णय को याद किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि समाज को इन मूल्यों को भावना और व्यवहार दोनों में बनाए रखना चाहिए।

सुश्री कविता ने मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि मौकों के बावजूद समाज सच्ची समानता पाने में पीछे लगता है। उन्होंने महिला आरक्षण अधिनियम पास होने में देरी की भी आलोचना की, और आरोप लगाया कि कई ताकतों ने संसद में इसे रोकने की साज़िश की थी। उन्होंने राजनीति में महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर ज़ोर देते हुए बताया कि हाल के विधानसभा चुनावों में महिलाओं को बहुत कम सीटें दी गईं, जिसके कारण कुछ ही महिला विधायक बनीं। उन्होंने श्री बसवेश्वर और डॉ. बी.आर. अंबेडकर से प्रेरणा लेते हुए कहा कि राजनीतिक और सामाजिक न्याय पाने की कोशिशें जारी रहेंगी।

सुश्री कविता ने आगे कहा कि उनकी पार्टी टिकट और पार्टी पदों पर 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देकर महिलाओं की ज़्यादा भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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