मुंबई , जनवरी 19 -- महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव परिणामों के बाद कई नगर निगमों में किसी भी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण महापौर पदों के लिए खरीद-फरोख्त की संभावना बढ़ गई है।

कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में, शिवसेना 54 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है और महापौर पद सुरक्षित करने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है। ये प्रयास भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से बाहर रखने के उद्देश्य से किए जाते दिख रहे हैं।

इन घटनाक्रमों के बीच, ऐसी खबरें सामने आई हैं कि शिवसेना (यूबीटी) के 11 पार्षद लापता हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि ये पार्षद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो सकते हैं।

इस बीच, उल्हासनगर नगर निगम में भी शिवसेना सबसे प्रभावी पार्टी बनकर उभरी है। साथ ही, वंचित बहुजन अघाड़ी के दो पार्षदों ने भी शिवसेना को अपना समर्थन दे दिया है। इस घटनाक्रम ने महापौर की दौड़ में पार्टी की संभावनाओं को और बढ़ा दिया है।

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