हैदराबाद , फरवरी 20 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राष्ट्रीय सचिव के रामकृष्ण ने कल्याणकारी योजनाओं पर उच्चतम न्यायालय की हालिया टिप्पणियों की आलोचना यह कहते हुए की है कि ऐसी टिप्पणियों का सीधा असर गरीबों के जीवन स्तर पर पड़ता है।
श्री रामकृष्ण ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि सरकारों को अपने बजट में लोगों के लिए न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित करने को प्राथमिकता देनी चाहिए। यहां तक कि उनके लिए विकास कार्यक्रम भी चलाने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के गुजारे के लिए कल्याणकारी योजनाएं जरूरी हैं, खासकर तब जब उनके पास रोजगार के सही मौके नहीं हों।
देश में रोजगार की हालत कितनी बुरी है, इसके लिए उन्होंने ओडिशा में होमगार्ड के 140 पदों के लिए जारी एक अधिसूचना का उदाहरण दिया, जिसमें करीब 8,000 आवेदकों ने आवेदन किया था।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति देश में रोजगार के गंभीर परिदृश्य को बताने के लिए काफी है। उन्होंने सवाल उठाया कि न्यायपालिका ने तब ऐसी चिंताएं क्यों नहीं जतायीं, जब सरकारों ने कॉरपोरेटों को लाखों करोड़ रुपये के ऋण दिये और बाद में उन्हें 'बट्टे खाते' में डालकर माफ कर दिया।
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