शिमला , फरवरी 03 -- हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों मनाली, कुफरी और अब किन्नौर जिले का कल्पा में हिमपात के कारण पर्यटक उद्योग को पर्यटकों की भारी भीड़ आने की उम्मीद है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, कल्पा में 10.5 सेंमी हिमपात हुआ, इसके अलावा केलांग (7.5 सेंमी), सांगला (6.5 सेंमी), कुकुमसेरी (5.8 सेंमी) और हंसा (2.5 सेंमी) में हिमपात हुआ, जो आदिवासी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव का संकेत देता है।
बारिश मुख्य रूप से निचले और मध्य पहाड़ी क्षेत्रों तक ही सीमित रही, जहां 22 मिमी, सराहन में 10.5 मिमी, कसोल में चार मिमी, सेओबाग और सुजानपुर तिरा में दो मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, भुंतर, रामपुर, कांगड़ा और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश हुई। बिलासपुर में घने कोहरे के कारण दृश्यता 30 मीटर तक रही, जबकि ऊना में हल्का कोहरा छाया रहा।
राज्य भर में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ और कई स्टेशनों पर यह सामान्य से अधिक रहा, जिससे शीत लहर का अनुमान है। सबसे कम न्यूनतम तापमान तबो में शून्य से नीचे 6.4 डिग्री दर्ज किया गया, उसके बाद कुकुमसेरी में शून्य से नीचे 3.6 डिग्री, कल्पा शून्य से नीचे 1.2 डिग्री, शिमला में 3.0 डिग्री, धर्मशाला में 4.8 डिग्री, सोलन में 5.0 डिग्री, पालमपुर में 5.5 डिग्री, ऊना में 7.6 डिग्री, सुंदरनगर में 7.9 डिग्री , बिलासपुर में 8.0 डिग्री, भुंतर में 8.0 डिग्री, कांगड़ा में 8.3 डिग्री, नाहन में 8.5 डिग्री और मंडी में 9.1 डिग्री दर्ज किया गया, जो ठंडे आदिवासी क्षेत्र से निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों की ओर तापमान में क्रमिक वृद्धि को दर्शाता है।
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