जयपुर , जनवरी 26 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केन्द्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाना कार्मिकों का दायित्व बताते हुए कहा है कि राज्य सरकार उनके हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जायेगा।
श्री शर्मा सोमवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ की ओर से शासन सचिवालय में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार संविधान में निहित लोक कल्याण की भावना को धरातल पर उतार रही है और उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने गरीब, किसान, महिला और युवा वर्ग के उत्थान एवं सशक्तीकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य कर्मचारी सरकार और जनता के बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो कल्याणकारी योजनाओं और निर्णयों को त्वरित गति से जनता तक पहुंचाकर उन्हें लाभान्वित करते हैं। उन्होंने कहा कि शासन सचिवालय में रिक्त लिपिक ग्रेड-द्वितीय के 584 एवं शीघ्रलिपिक के 194 पदों पर भर्ती के क्रम में 557 अभ्यर्थियो ने लिपिक ग्रेड द्वितीय के पद पर कार्यग्रहण कर लिया है एवं शेष पदों पर नियुक्ति प्रक्रियाधीन है। शीघ्रलिपिक भर्ती परीक्षा 2024 का परिणाम जारी किया जा चुका है एवं दस्तावेज सत्यापन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपात्मक नियुक्ति के 73 प्रकरणों में शिथिलता प्रदान किया है। आश्रितों के लिए आवेदन करने की समय सीमा भी 90 से बढ़ाकर 180 दिन की गयी है। इससे मृतक कार्मिक के आश्रितों को आवेदन करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर सरकार सकारात्मक कदम उठाएगी।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के कैडर संबंधी समस्याओं और विसंगतियों के समाधान के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनायी जायेगी, जो विसंगतियों का समाधान करेगी। उन्होंने कहा कि कार्मिकों की कार्यकुशलता और दक्षता को बढ़ाने के लिए सचिव, कार्मिक की अध्यक्षता में भी एक कमेटी का गठन किया जाएगा जो कार्य संबंधी सुविधाओं के बारे में अनुशंसा करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को शिक्षण, प्रशिक्षण और रोजगार के भरपूर अवसर उपलब्ध करा रही है और हमारी सरकार ने अब तक एक लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी है, साथ ही एक लाख 54 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के लिए भी एक लाख भर्तियों का कैलेंडर जारी किया जा चुका है। इस प्रकार हम भर्तियों के साढ़े तीन लाख के आंकड़े को पार कर चुके हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार पांच साल में चार लाख सरकारी भर्तियों के लक्ष्य को हासिल करेगी।
श्री शर्मा ने कहा कि निजी क्षेत्र में भी करीब ढाई लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है और राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन कर लगभग 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश एमओयू किए गए, जिनमें आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर आ चुके हैं। इनसे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 71 नये राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना की गयी है। उनके सर्वांगीण विकास के लिए राजस्थान युवा नीति और रोजगार नीति लागू की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा तीन लाख 37 हजार से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है और करीब दो लाख युवाओं को इंटर्नशिप करायी गयी है। इसके साथ ही 65 आई स्टार्टअप लॉन्चपैड नेस्ट स्थापित किए गए हैं और 658 स्टार्टअप्स को करीब साढ़े 22 करोड़ की सहायता प्रदान की गयी है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार कर्मचारी कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
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