जयपुर , फरवरी 12 -- राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ, जलदाय विभाग के अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को कर्मचारियों की आशाओं और अपेक्षाओं के विपरीत बताया हैं ।
श्री शर्मा ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि कर्मचारियों के भविष्य, सम्मान और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी एसीपी, ग्रेड पे एवं पदोन्नति जैसी मूलभूत मांगों पर किसी ठोस निर्णय का अभाव सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि केवल समितियों के गठन से समस्याओं का समाधान संभव नहीं है, क्योंकि पूर्व में गठित समितियों की रिपोर्टों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
श्री शर्मा ने कहा कि कर्मचारी संघ लंबे समय से वर्तमान 9-18-27 एसीपी व्यवस्था के स्थान पर 8-16-24-32 एसीपी लागू करने की मांग करता आ रहा है, ताकि कर्मचारियों को समयबद्ध आर्थिक उन्नयन का वास्तविक एवं न्यायसंगत लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले बजट में घोषित मंत्रालयिक निदेशालय के शीघ्र गठन से कर्मचारियों को बड़ी उम्मीदें थीं, किंतु अब तक इस दिशा में ठोस प्रगति का अभाव अत्यंत निराशाजनक है। उन्होंने मंत्रालयिक संवर्ग में सहायक प्रशासनिक अधिकारी का ग्रेड पे 4200 रुपए किए जाने, कर्मचारियों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित करने तथा संस्थापन अधिकारी से ऊपर दो नए पद सृजित कर उनके ग्रेड पे क्रमशः 7600 एवं 8700 रुपए तय करने की मांग दोहराई।
कर्मचारी संघ के सचिव कृष्णेंदु चटर्जी ने बजट पर कहा कि यदि इन न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता, तो कर्मचारियों में आर्थिक सुरक्षा मजबूत होती, पदोन्नति के बेहतर अवसर मिलते और कार्य के प्रति उनका उत्साह बढ़ता। उन्होंने सरकार से इन लंबित मांगों पर संवेदनशीलता के साथ शीघ्र ठोस निर्णय लेने की अपील की है।
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