बेंगलुरु , फरवरी 12 -- कर्नाटक उच्च न्यायालय ने गुरुवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और कई अन्य विधायकों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों वाली एक याचिका को खारिज कर दिया। न्यायालय ने याचिकाकर्ता के आचरण पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए उसे कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग के लिए भारी जुर्माने की चेतावनी भी दी है।

'भ्रष्टाचार विरोधी पार्टी' के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कर्नाटक पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एक पूर्व कर्मचारी की इस याचिका में शीर्ष नेताओं के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पर पद के दुरुपयोग, संविधान के अपमान और भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाये थे।

न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना ने मामले की सुनवाई के दौरान गौर किया कि याचिकाकर्ता ने इस मामले में कुल 51 लोगों को आरोपी बनाया था, जिसमें मंत्रालय या विभागों के लगभग हर महत्वपूर्ण व्यक्ति को शामिल कर लिया गया था। अदालत ने टिप्पणी की कि इस तरह की याचिका को अनुमति देना कानूनी प्रक्रिया का सरासर दुरुपयोग होगा।

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