बेंगलुरु , दिसंबर 04 -- कर्नाटक उच्च न्यायालय ने केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के खिलाफ 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर गलत बयान देने के लिये दर्ज प्राथमिकी के तहत आगे की कार्रवाई पर गुरुवार को रोक लगा दी।
न्यायमूर्ति एस सुनील दत्त यादव ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के संज्ञान आदेश को चुनौती देने वाली श्री कुमारस्वामी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस मामले पर विचार करने की ज़रूरत है। इसके बाद अदालत ने जनवरी के तीसरे हफ़्ते में अगली सुनवाई तक बेंगलुरु में चल रही कार्रवाई पर रोक लगा दी।
अदालत ने अंतरिम रोक लगाने से पहले राज्य और फ्लाइंग स्क्वाड अधिकारी को नोटिस जारी किये हैं।
यह मामला कुमारस्वामी के उस भाषण से जुड़ा है जो उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार वी सोमन्ना के समर्थन में दिया था। उन्होंने 14 अप्रैल, 2024 को दिये गये बयान में कथित तौर पर सोमन्ना के विरोधी को गैंगस्टर कोतवाल रामचंद्र का चेला बताया था। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 171जी और जनप्रतिनिधि अधिनियम की धारा 123(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने शुरू में बी रिपोर्ट फाइल की थी, लेकिन बाद में आगे की जांच रिपोर्ट जमा कर दी। निचली अदालत ने बी रिपोर्ट को खारिज कर दिया और संज्ञान लिया। श्री कुमारस्वामी को 15 नवंबर को समन जारी किया गया, जिसके बाद उन्हें उच्च न्यायालय जाना पड़ा।
श्री कुमारस्वामी के वकील ने तर्क दिया कि मजिस्ट्रेट के आदेश से लगता है कि उन्होंने सोच-समझकर काम नहीं लिया। उन्होंने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि प्राथमिकी अखबार की रिपोर्टों पर आधारित थी और धारा 161 के तहत जिन रिपोर्टरों की जांच की गयी थी, उन्होंने भाषण में ऐसा कुछ भी सुनने से इनकार कर दिया था।
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