बेंगलुरु , फरवरी 23 -- कर्नाटक में राजनीतिक नेतृत्व को लेकर बहस तेज हो गई है और वरिष्ठ मंत्री जी. परमेश्वरा ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे अपनी कमियों से ध्यान हटाने के लिए 'दलित मुख्यमंत्री' की मांग को हवा दे रहे हैं।
श्री परमेश्वर ने सवाल उठाया कि क्या वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दारमैया राज्य का संचालन नहीं कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि दलित सीएम का मुद्दा विपक्ष द्वारा उठाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का शीर्ष पदों पर दलित नेताओं को नियुक्त करने का लंबा इतिहास रहा है और नेतृत्व से जुड़ा कोई भी निर्णय उचित समय पर पार्टी हाईकमान द्वारा लिया जाएगा।
त्योहारों के दौरान शांति बनाए रखने पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि चाहे होली हो या रमजान, किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी पर्व आपसी सद्भाव के साथ मनाए जाने चाहिए और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने दो दिन पहले बागलकोट में शिवाजी जयंती जुलूस के दौरान मस्जिद के सामने से गुजरते समय हुई पथराव की घटना का संदर्भ दिया।
राज्य के स्कूलों में 16 वर्ष से कम आयु के छात्रों के लिए मोबाइल फोन पर प्रतिबंध के प्रस्ताव पर श्री परमेश्वर ने कहा कि इस पर विचार-विमर्श जारी है। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन की आसान उपलब्धता से बच्चों का पढ़ाई पर ध्यान कम हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के कुछ हिस्सों में लागू समान कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी पक्षों का मूल्यांकन कर निर्णय लेगी।
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