धारवाड़ , अप्रैल 14 -- कर्नाटक के धारवाड़ में मंगलवार को बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती के अवसर पर नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों ने राज्य में रिक्त 2.84 लाख सरकारी पदों को तत्काल भरने की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की तैयारियों से तनाव उत्पन्न हो गया।
राज्य स्तरीय छात्र संगठन के बैनर तले आयोजित यह विरोध प्रदर्शन पूर्वाह्न 11 बजे जयनगर सर्कल में होना था। प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने छात्र नेताओं को नोटिस जारी कर दिया, जिससे संभावित कानूनी कार्रवाई को लेकर प्रतिभागियों में आशंका उत्पन्न हो गयी।
स्थानीय रिपोर्टों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थी एक स्पष्ट भर्ती कार्यक्रम एवं चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं और उनका आरोप है कि शिक्षा, राजस्व और स्वास्थ्य जैसे विभागों में रिक्त पदों को भरने में लंबे समय से देरी हो रही है।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि भर्ती अधिसूचनाओं में बार-बार होने वाली देरी ने राज्य में शिक्षित बेरोजगार युवाओं के बीच निराशा बढ़ा दी है।
कई छात्रों ने हालांकि मामला दर्ज होने के डर से विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं लिया और आयोजकों ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन प्रतीकात्मक था जो अंबेडकर जयंती के अवसर पर संवैधानिक अधिकारों, रोजगार के अवसरों में समानता एवं सामाजिक न्याय संबंधी चिंताओं को उजागर करने के लिए किया गया।
पुलिस ने हालांकि कहा कि पूर्व अनुमति संबंधी आवश्यकताओं का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया, जिसके कारण यह कार्रवाई की गयी।
अधिकारियों ने बताया कि जयनगर क्रॉस पर उस समय तनाव का माहौल उत्पन्न गया, जब दो छात्र नेताओं को इलाके में इकट्ठा होने की कोशिश करने पर हिरासत में लिया गया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए विरोध स्थल और उसके आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि उत्तरी कर्नाटक के कुछ हिस्सों में छात्र समूहों ने हाल के महीनों में बढ़ती बेरोजगारी और सरकारी भर्तियों में लंबित पदों को लेकर चिंता व्यक्त की है और राज्य सरकार से लंबित अधिसूचनाओं एवं नियुक्तियों में तेजी लाने का आग्रह किया है।
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