बेंगलुरु , मई 04 -- कर्नाटक के बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा उपचुनावों में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ भारी बढ़त बनाते हुए उसे पीछे धकेल दिया है।
इस उपचुनाव को सत्ताधारी कांग्रेस सरकार और विपक्षी भाजपा के लिए एक अहम राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा था। बागलकोट से कांग्रेस के अनुभवी विधायक एचवाई मेटी और दावणगेरे दक्षिण से शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद इन पर चुनाव कराना जरूरी हो गया था।
बागलकोट में कांग्रेस उम्मीदवार उमेश मेटी ने मुकाबले पर अपना दबदबा बनाया। जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ी, उन्होंने भाजपा के प्रतिद्वंद्वी और पूर्व विधायक वीरभद्रय्या चरंतिमठ पर 17,205 वोटों की मजबूत बढ़त बना ली। वोटों का यह बढ़ता अंतर इस बात का संकेत था कि उस निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के पक्ष में जबरदस्त एकजुटता बनी है, जिसका मेटी परिवार से लंबे समय से जुड़ाव रहा है।
दावणगेरे दक्षिण में भी कांग्रेस के लिए उतना ही अहम बदलाव देखने को मिला। पार्टी उम्मीदवार समर्थ मल्लिकार्जुन शुरुआती दौर में भाजपा उम्मीदवार श्रीनिवास टी. दासकरियप्पा से पीछे चल रहे थे। लेकिन उन्होंने जबरदस्त वापसी की और 7,916 वोटों की निर्णायक बढ़त के साथ आगे निकल गए, जिससे मुकाबले का रुख ही पूरी तरह बदल गया।
इन नतीजों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है क्योंकि इन्हें सत्ता में आने के लगभग तीन साल बाद कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की राजनीतिक स्थिरता का पैमाना माना जा रहा है। वहीं भाजपा राज्य के अहम इलाकों में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रही है।
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