बेंगलुरु , दिसंबर 04 -- कर्नाटक उच्च न्यायालय ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विवादित 'करप्शन रेट कार्ड' विज्ञापन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से दायर कराये गये आपराधिक मानहानि के मामले में गुरुवार को आगे की कार्रवाई पर अंतरिम रोक की अवधि बढ़ा दी। अब मामले की सुनवाई अब 11 दिसंबर को होगी।
न्यायाधीश एस सुनील दत्त यादव ने उन्हें 17 जनवरी को दी गयी अंतरिम सुरक्षा को जारी रखा है। सुनवाई के दौरान श्री गांधी की ओर से अदालत में पेश वरिष्ठ अधिवक्ता शशि किरण शेट्टी ने तर्क दिया कि शिकायत में ऐसी कोई सामग्री नहीं है, जिससे पता चले कि श्री गांधी ने विवादित सामग्री लिखी या प्रकाशित की थी। उन्होंने कहा कि आरोप सिर्फ श्री गांधी द्वारा सामग्री को एक्स पर पुन: पोस्ट करने तक ही सीमित है। उन्होंने कहा कि यह उन्हें (श्री गांधी) इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराने के लिए काफी नहीं है।
उन्होंने अदालत को बताया कि प्राथमिक प्रकाशन श्री गांधी ने नहीं, बल्कि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति की ओर से किया गया था । उन्होंने कहा कि शिकायत में तारीखों, दस्तावेजों या ऐड जारी करने के ज़िम्मेदार लोगों का ज़िक्र किए बिना सबूत के श्री गांधी पर आरोप लगाये। श्री शेट्टी ने बताया कि कथित प्रकाशन के समय श्री गांधी संसद के सदस्य नहीं थे। अदालत ने दोनों पक्षों को एक विस्तृत 'सिनोपसिस' फ़ाइल करने का निर्देश दिया।
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