बेंगलुरु , जनवरी 19 -- कर्नाटक उच्च न्यायालय ने सोमवार को कैफे कॉफी डे (सीसीडी) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मालविका हेगड़े के खिलाफ विदेश मुद्रा विनिमय प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत शुरू की गई कार्रवाई पर रोक लगाते हुए एक अंतरिम आदेश पारित किया। श्रीमती हेगड़े को यह राहत 2022 में दर्ज एक शिकायत से जुड़े मामले में मिली है।
यह अंतरिम राहत उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश पीठ ने श्रीमती हेगड़े द्वारा प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा फेमा कार्रवाई शुरू करने को चुनौती देने वाली याचिका पर शुरुआती दलीलें सुनने के बाद दी। अदालत ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई की तारीख तक उनके खिलाफ कोई और जबरदस्ती कदम न उठाया जाए। श्रीमती हेगड़े की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सज्जन पूवैया ने कहा कि कैफे कॉफी डे एक ऐसी कंपनी है जिसे भारत से शुरू किया गया, प्रबंधित किया गया और नियंत्रित किया गया। उन्होंने तर्क दिया कि फेमा की कार्रवाई कानूनी रूप से मान्य नहीं है।
उन्होंने तर्क दिया कि आरोपों में फेमा के तहत कार्रवाई करने लायक किसी उल्लंघन का खुलासा नहीं हुआ है और शिकायत गलत थी। वकील ने कहा कि कार्रवाई जारी रहने से याचिकाकर्ता को बहुत ज़्यादा नुकसान होगा। याचिका में 2022 की शिकायत के बाद शुरू की गई कार्रवाई की वैधता को चुनौती दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि अधिकारी कंपनी के ढांचा और कामकाज से संबंधित तथ्यों और कानूनी स्थिति को समझने में नाकाम रहे हैं। यह भी तर्क दिया गया कि यह कार्रवाई प्रक्रिया का दुरुपयोग है और बिना सोचे-समझे शुरू की गई थी।
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