बेंगलुरु , अक्टूबर 16 -- कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र पप्पी की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और धन शोधन मामले की जांच जारी रखने की अनुमति दी है।

न्यायालय ने कहा कि भले ही सात में से छह प्राथमिकी, जिनका जिक्र ईडी ने किया है, बंद कर दी गई हों या उनमें आरोपी बरी हो गए हों, लेकिन 2022 में दर्ज एक लंबित मामला धन शोधन की जांच को जारी रखने के लिए पर्याप्त है।

न्यायमूर्ति एम आई अरुण ने ईडी के प्रारंभिक निष्कर्षों का हवाला देते हुए कहा कि यह निष्कर्ष वीरेंद्र को बड़े पैमाने पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ते हैं।

वीरेंद्र पप्पी को 23 अगस्त को एक व्यावसायिक यात्रा के दौरान गंगटोक में गिरफ्तार किया गया था। उन पर उनकी स्वामित्व वाली कंपनियों के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी ऐप चलाने का आरोप है। ईडी ने सोना, लग्जरी कारें और नकदी सहित 150 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है और अनुमान है कि इन ऐप्स का कारोबार 2,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि लंबित धोखाधड़ी का मामला अंततः बंद हो जाता है, तो वीरेंद्र कार्यवाही को रद्द करने के लिए निचली अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित