आगर-मालवा , फरवरी 13 -- आगर-मालवा स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री बैजनाथ महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर ऑस्ट्रेलिया निवासी शांति मैकलवर रविवार को दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचेंगी। वे यहां दो दिन रुककर महाशिवरात्रि महोत्सव में शामिल होंगी।

जानकारी के अनुसार शांति मैकलवर ब्रिटिश काल में आगर-मालवा छावनी में पदस्थ रहे कर्नल मार्टिन की छठी पीढ़ी की वंशज हैं। बताया जाता है कि वर्ष 1882 में कर्नल मार्टिन ने अपनी पत्नी की प्रेरणा से सार्वजनिक चंदा एवं निजी धन से इस शिवालय का जीर्णोद्धार एवं निर्माण कार्य करवाया था। उल्लेखनीय है कि देश में अंग्रेजों द्वारा निर्मित यह एकमात्र शिवालय माना जाता है।

नगर के उत्तर दिशा में जयपुर मार्ग पर दो पहाड़ियों के बीच बाणगंगा नदी के तट पर स्थित यह मंदिर ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि काबुल युद्ध के दौरान कर्नल मार्टिन की पत्नी लेडी मार्टिन ने यहां भगवान शिव से प्रार्थना की थी और पति की सकुशल वापसी पर मंदिर का शिखर निर्माण कराने का संकल्प लिया था। युद्ध में सफलता के बाद कर्नल मार्टिन ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया। मंदिर परिसर में आज भी उस समय का शिलालेख मौजूद है।

मंदिर की वास्तुकला उत्तर भारतीय एवं द्रविड़ शैली के सुंदर मिश्रण का उदाहरण है। लगभग 50 फीट ऊंचे शिखर पर स्वर्ण कलश स्थापित है। गर्भगृह में आग्नेय पाषाण की शिवलिंग प्रतिमा स्थापित है तथा परिसर में विशाल सभा मंडप, नंदी प्रतिमा और प्राचीन कमलकुंड स्थित है। महाशिवरात्रि के अवसर पर हर वर्ष यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार कर्नल मार्टिन की वंशज के आगमन को लेकर स्थानीय स्तर पर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

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