भरतपुर , फरवरी 22 -- उत्तर भारत के आस्था के प्रमुख केंद्रों में शुमार राजस्थान में करौली के विख्यात भगवान मदनमोहन जी के मन्दिर में इस बार धुलंडी के अवसर पर श्रद्धालुओं को झूला झांकी के दर्शन नहीं होंगे। मन्दिर प्रबंधन से जुड़े सूत्रों ने रविवार को बताया कि 122 वर्षों बाद फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को होली के दिन चंद्र ग्रहण के बन रहे संयोग एवं उसके सूतक काल के कारण मंदिर प्रबंधन ने झूला झांकी दर्शन स्थगित रखने का निर्णय लिया है।

मंदिर प्रबंधन के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक तीन मार्च 2026 को सुबह पौने सात बजे से शुरू होकर सायंकाल छह बजकर 47 मिनट तक रहेगा। सूतक काल को देखते हुए तीन मार्च को भगवान मदन मोहन मंदिर में राधा-मदन मोहन जी की सेवाओं के समय में भी परिवर्तन किया गया है।

धुलंडी और होली पर्व को लेकर मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि मंगला आरती और दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का हुड़दंग न करें और गुलाल के सिलेंडर न चलाएं। इसके साथ ही, मंदिर परिसर में रंग-गुलाल से होली न खेलने का आग्रह किया गया है।

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