करौली , दिसंबर 22 -- राजस्थान में करौली के हिंडौनसिटी क्षेत्र में प्रस्तावित आयरन एवं खनिज खनन परियोजना के विरोध में सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट में सेंकड़ों ग्रामीणों ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करके भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया रद्द करने एवं भूमि की जांच के नाम पर क्षेत्र में लगाई गई मशीनों को तत्काल हटाने की मांग की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि 15 दिन में अधिग्रहण की कार्रवाई नहीं रोकी गई तो जनआंदोलन और तेज किया जाएगा।
ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग -23 पर बैठकर प्रदर्शन भी किया जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। आंदोलनकारियों का कहना है कि क्षेत्र के अधिकतर परिवार कृषि और जंगलों पर निर्भर हैं। भूमि छिन जाने से उनकी आजीविका और आवास पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि तहसीलदार हिण्डौन सिटी के नौ दिसंबर के पत्र के तहत आयरन संयंत्र के लिए देदरौली, सिंघानमीना, खेड़ा जमालपुर, कांचरौली, फुलवाड़ा, बुर्जावाड़ा, दूघाटी, चमरपुरा, कारवाड़ मीना, टोडूपुरा, मनेमा, फैलीकापुरा, कोटरा ढहर, गांवड़ा मीना, गुर्जर गांवड़ा, निमोड़ पट्टी, लीलोटी, खोहरा घुसेटी, खरेटा और बमनपुरा गुर्जर सहित करीब 1832.83 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव किया गया है जिससे करीब डेढ़ लाख की आबादी प्रभावित होगी।
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना से बातचीत की। कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उन्हें सक्षम स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
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