करीमनगर , फरवरी 08 -- तेलंगाना के औषधि नियंत्रण प्राधिकरण (डीसीए) ने करीमनगर जिले के गंगाधरा मंडल के गट्टुबुथकुर गांव में एक अयोग्य मेडिकल प्रैक्टिशनर के क्लिनिक पर छापा मारा और बिक्री के लिए अवैध रूप से स्टॉक की गयी दवाएं जब्त कीं।

डीसीए अधिकारियों ने विश्वसनीय सूचना पर कार्रवाई करते हुए शनिवार को गट्टुबुथकुर गांव में सरकारी स्कूल के सामने वेमुला साई कृष्णा द्वारा चलाए जा रहे हिमा बिंदु फर्स्ट एड सेंटर पर छापा मारा। आरोपी बिना किसी आवश्यक मेडिकल योग्यता या वैध ड्रग लाइसेंस के क्लिनिक चलाता हुआ पाया गया।

जांच के दौरान, अधिकारियों ने 73 तरह की दवाएं जब्त कीं। इनमें 19 तरह के फिजिशियन सैंपल, एंटीबायोटिक्स, स्टेरॉयड, दर्द निवारक, एंटीहाइपरटेंसिव और एंटी-अल्सर दवाएं शामिल थीं। जब्त किये गये स्टॉक की कीमत 27,879 रुपये आंकी गयी।

अधिकारियों को क्लिनिक में सेफोटैक्सिम, सेफपोडॉक्सिम और सेफिक्सिम जैसी उच्च-पीढ़ी की एंटीबायोटिक्स भी मिलीं। डीसीए अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अयोग्य व्यक्तियों द्वारा एंटीबायोटिक्स की अंधाधुंध बिक्री से गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिसमें एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस का उभरना भी शामिल है। स्टेरॉयड भी पाये गये, जिनका दुरुपयोग गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएं पैदा कर सकता है।

यह छापा ड्रग्स निरीक्षक एस. उमरानी करीमनगर द्वारा करीमनगर के सहायक निदेशक के. दास की देखरेख में मारा गया। जब्त की गयी दवाओं के नमूने विश्लेषण के लिये गये हैं। आगे की जांच जारी है। मादक पदार्थ एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के अनुसार अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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