जगदलपुर , नवम्बर 05 -- छत्तीसगढ़ में बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह ने मंगलवार शाम वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा बैठक की।
आधिकारिक सूत्रों ने आज यह जानकारी दी।
श्री सिंह ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत चल रहे इस अभियान में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में नाम जुड़ने से वंचित न रह जाए। उन्होंने विशेष रूप से उन युवाओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा जिन्होंने हाल ही में 18 वर्ष की आयु पूरी की है और जो पहली बार मतदाता बनने के पात्र हैं।
इस वर्चुअल बैठक में बस्तर संभाग के सभी जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि 04 नवंबर से शुरू हुआ घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन का कार्य पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) न केवल नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने पर ध्यान दें, बल्कि उन मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया भी सावधानीपूर्वक पूरी करें, जो या तो निधन हो चुके हैं या स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरित हो गए हैं। इसका उद्देश्य एक त्रुटिहीन और अद्यतन मतदाता सूची तैयार करना है, जो आगामी चुनावों की नींव को और मजबूत बनाएगी।
श्री सिंह ने जन-जागरूकता को इस अभियान की रीढ़ बताते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों, पम्पलेट और पोस्टरों का उपयोग करके लोगों तक जानकारी पहुंचाई जाए। वहीं, ग्रामीण इलाकों में इसके लिए पारंपरिक माध्यमों जैसे कोटवारों के जरिए मुनादी, दीवार लेखन और ग्राम पंचायतों की बैठकों का सहारा लिया जाए। साथ ही, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया का भी अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला एवं तहसील स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाएं तथा मास्टर ट्रेनर्स की एक रोस्टर तैयार कर उनकी ड्यूटी लगाई जाए, ताकि बीएलओ और स्वयंसेवकों को समय पर आवश्यक मार्गदर्शन मिल सके। व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर भी त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कार्यभार को हल्का करने और दक्षता बढ़ाने के लिए नगरीय क्षेत्रों तथा प्रमुख बसाहटों वाले मतदान केंद्रों के लिए अतिरिक्त बीएलओ नियुक्त करने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सचिवों को इस कार्य में सक्रिय सहयोग देने को कहा गया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज बनवाने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो, इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए। इसके लिए अलग से अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। कमिश्नर ने कार्य की प्रगति पर नजर रखने के लिए दैनिक मॉनिटरिंग और रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अभियान के लिए आवश्यक सभी प्रपत्रों की छपाई और वितरण का कार्य पूरा कर लिया गया है तथा बीएलओ और बूथ लेवल असिस्टेंट्स (बीएलए) को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। बीएलओ 04 नवंबर से ही फॉर्म वितरित करते हुए घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य शुरू कर चुके हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में डिप्टी कमिश्नर बीएस सिदार, गीता रायस्त और उप जिला निर्वाचन अधिकारी बस्तर ऋषिकेश तिवारी भी मौजूद रहे, जबकि संभाग के अन्य जिलों के अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े रहे।
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