कवर्धा , मार्च 16 -- छत्तीसगढ के कबीरधाम (कवर्धा) जिले में करीब दो महीने पहले हुए चर्चित सत्यमदास मानिकपुरी हत्याकांड का पुलिस ने सोमवार को खुलासा किया। लगभग 56 दिनों तक चली गहन जांच, हजारों मोबाइल नंबरों के तकनीकी विश्लेषण और सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल के बाद पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्या के मामले में एक विधि से संघर्षरत नाबालिग लड़के को अभिरक्षा में लिया है।
पुलिस को पूछताछ में नाबालिग ने हत्या करने की बात कबूली है। पुलिस के अनुसार सत्यमदास मानिकपुरी द्वारा कथित रूप से ब्लैकमेल किए जाने से परेशान होकर नाबालिग ने इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक 17 जनवरी को थाना कवर्धा क्षेत्र के लालपुर नर्सरी के पीछे सड़क पर एक युवक का शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें युवक के गले में चाकू से वार कर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। मृतक की पहचान सत्यमदास मानिकपुरी (27) निवासी वार्ड नंबर 26, घोठिया रोड कवर्धा के रूप में हुई। वह पेशे से डांस शिक्षक था और पांडातराई क्षेत्र के एक निजी स्कूल में बच्चों को डांस सिखाता था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कबीरधाम पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने हर संभावित कोण से जांच करते हुए लगभग 50 हजार मोबाइल नंबरों के कॉल डाटा का तकनीकी विश्लेषण किया और 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की बारीकी से जांच की। इसके अलावा मृतक के परिचितों और क्षेत्र के 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई, वहीं कई संदिग्धों को भी थाने लाकर पूछताछ की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया गतिविधियों और इंस्टाग्राम सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी जांच की। लगातार तकनीकी अनुसंधान के बाद पुलिस का संदेह एक विधि से संघर्षरत नाबालिग लड़के पर गया। पूछताछ में सामने आया कि मृतक और नाबालिग के बीच पिछले तीन महीनों से जान-पहचान थी और दोनों के बीच संबंधों को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि मृतक नाबालिग को बार-बार ब्लैकमेल कर रहा था, जिससे परेशान होकर नाबालिग ने हत्या की योजना बनाई।
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