जालंधर , फरवरी 21 -- पंजाब में जालंधर के भगत सिंह चौक के पास एक खंडहरनुमा भवन में कबाड़ के रूप में पड़ा 1921 का लैंज़ बुलडॉगएचएल-12 मॉडल का 105 साल पुराना ट्रैक्टर 1.25 करोड़ रुपये में बिका है। यह दुर्लभ विंटेज ट्रैक्टर अब कैलिफोर्निया (अमेरिका) के एक म्यूजियममें प्रदर्शित किया जायेगा।
यह ट्रैक्टर जालंधर में भगत सिंह चौक के पास एक टूटे-फूटे, खाली भवन में मिला था। यह ट्रैक्टर एक विदेशी कंपनी ने खरीदा था और इसे अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया के एक म्यूज़ियम में भेजा जा रहा है। ट्रैक्टर को शुरू में स्थानीय लोग कबाड़ समझते थे। इसकी ज़्यादा कीमत इसकी दुर्लभ, 105 साल पुराने ऐतिहासिक जर्मन-मेड ट्रैक्टर होने की वजह से है।
जानकारी के अनुसार, उक्त खंडहर भवन के साथ लगी दुकान के मालिक पुनीत बेदी ने बताया कि स्थानीय लोगों को अंदाजा भी नहीं था कि कबाड़ समझा जाने वाला यह ट्रैक्टर विंटेज एक अनमोल चीज है। बताया जा रहा है कि, मुंबई की एक ट्रैक्टर कंपनी ने 28 लाख रुपये तक की पेशकश की थी, लेकिन बाद में एक विदेशी कंपनी ने इसे 1.25 करोड़ रुपये में खरीद लिया। अब ये ट्रैक्टर कैलिफोर्निया के संग्रहालय में रखा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि, यह ट्रैक्टर जर्मनी में 1921 में बना लेंज बुलडॉग एचएल-12 मॉडल है, जो अपनी खास तकनीक के लिए विंटेज वाहनों की दुनिया में अलग पहचान रखता है। इसमें सिंगल सिलेंडर हॉट-बल्ब इंजन लगा है, जिसे स्टार्ट करने से पहले इंजन को गर्म करना पड़ता था, जिसके बाद कम गति पर भी यह अधिक ताकत देता था। अपने समय में इस ट्रैक्टर का उपयोग खेतों में हल चलाने, पानी के पंप और चक्की चलाने जैसे कार्यों के लिए व्यापक रूप से किया जाता था। अब यह ऐतिहासिक विरासत के रूप में विदेशी संग्रहालय की शोभा बढ़ाएगा।
ऑनलाइन वायरल हो रहे एक पोस्ट के मुताबिक, एक शौकीन ने पुराना ट्रैक्टर खरीदने में दिलचस्पी दिखाई। सोशल मीडिया पर अपलोड की गई छोटी क्लिप में एक पुराना ट्रैक्टर एक भवन के कोने में खड़ा दिखाया गया था, जिसका पेंट फीका पड़ गया था, पुर्जे घिस गये थे, और साफ तौर पर यह लंबे समयसे इस्तेमाल नहीं हो रहा था। हजारों किलोमीटर दूर, एक विदेशी शौकीन व्यक्ति ने बड़ी रकम देकर इसे खरीद लिया। ट्रैक्टर के पुराने मालिक के लिए, एक आसान सा इंटरनेट पर अपलोड ज़िंदगी बदलने वाला सौदा बन गया।
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