लखनऊ , दिसंबर 09 -- उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री/तस्करी और इसके दुरुपयोग की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए इसके नेटवर्क को तोड़ने के लिए सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। गृह (पुलिस) विभाग ने इस गिरोह पर नकेल कसने के लिए तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया है।
आदेश में कहा गया है कि कफ सिरप का नशे के रूप में बढ़ता इस्तेमाल युवाओं के लिए खतरनाक है और इस अवैध कारोबार से अपराध भी बढ़ रहा है। ऐसे में इस पूरी चेन को ध्वस्त करना बेहद जरूरी है।
मंगलवार को शासन स्तर पर सचिव मोहित गुप्ता के स्तर से जारी आदेश के मुताबिक, एसआईटी के अध्यक्ष ए.डी.जी. (कानून-व्यवस्था) एल. आर. कुमार होंगे। टीम में एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुशील धुले चंद्रभान और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अपर आयुक्त अखिलेश कुमार जैन सदस्य बनाए गए हैं। टीम को प्रदेश में कफ सिरप की अवैध खरीद-फरोख्त, भंडारण और सप्लाई में शामिल लोगों की पहचान कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
शासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध कारोबार से अर्जित धन की जांच कर मनी लॉन्ड्रिंग की संभावनाओं पर भी रिपोर्ट तैयार की जाए। यही नहीं, इस अवैध गतिविधि से जुड़े नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की गोपनीय जांच करते हुए एक माह के भीतर शासन को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इसके अलावा भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए रोकथाम संबंधी ठोस सुझाव भी मांगे गए हैं।
आदेश को पुलिस महानिदेशक, खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन सहित संबंधित सभी विभागों को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई हेतु भेज दिया गया है। सरकार ने चेतावनी दी है कि इस नशा कारोबार से जुड़े किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
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