अलवर , जनवरी 19 -- राजस्थान में अलवर के भूगोर तिराहे पर कप्तान छुट्टन लाल की मूर्ति लगाये जाने और तिराहे का नाम उनके नाम पर किए जाने की मांग को लेकर मीणा समाज ने सचिवालय गेट के बगल में टेंट लगाकर सोमवार को धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने कहा कि वे पिछले आठ वर्ष से लगातार मांग उठाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। समाज का कहना है कि वर्ष 2018 से यह मांग प्रशासन के समक्ष रखी जा रही है। अब 2026 आ गया है, जो काफी लंबा समय है।

धरने पर बैठे कांग्रेस नेता नरेंद्र मीणा ने कहा कि कप्तान छुट्टन लाल मीणा समाज के महान पुरुष रहे हैं। शहर में अन्य महापुरुषों की मूर्तियां चौराहों पर लगी हुई है। सड़कों का नामकरण भी उनके नाम पर है। ऐसे में उनकी मांग पूरी तरह जायज है। पहले इस मांग को लेकर प्रशासन स्तर पर सहमति भी बन चुकी थी, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा अनापत्ति पत्र (एनओसी) नहीं दिए जाने के कारण मामला अटका हुआ है, क्योंकि भूगोर तिराहे पर सड़क चौड़ीकरण प्रस्तावित है।

मीणा समाज की मांग है कि यदि उस स्थान पर मूर्ति लगाना संभव नहीं है तो पीडब्ल्यूडी की किसी अन्य भूमि का आवंटन किया जाए और भूगोर तिराहे का नाम बदलकर कप्तान छुट्टन लाल तिराहा किया जाए।

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