फगवाड़ा , फरवरी 20 -- पंजाब में कपूरथला की आधुनिक जेल के सुरक्षा टावर के पास एक ड्रोन गिरा हुआ पाया गया, जिससे मानवरहित हवाई उपकरणों का उपयोग करके सुधार गृहों में प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी के प्रयासों को लेकर नयी चिंताएं पैदा हो गयी हैं।
नियमित गश्त पर निकले जेल कर्मचारियों ने बुधवार की रात को सुभानपुर रोड स्थित थेह कंझला के जेल परिसर की सुरक्षा घेरा के ऊपर संदिग्ध हलचल देखी और तेज आवाज सुनी। रात में तलाशी अभियान शुरू किया गया, लेकिन अंधेरे और कम दृश्यता के कारण तत्काल कोई बरामदगी नहीं हो सकी। अगली सुबह, परिधि क्षेत्र की पुनः तलाशी के दौरान, ड्रोन को बैरक संख्या 3 के पास सुरक्षा टावर संख्या 9 के पीछे पाया गया। भूरे रंग के 'मिनी 255' मॉडल के इस उपकरण पर एक सीलबंद पैकेट टेप से चिपका हुआ था। जांच करने पर, अधिकारियों ने तंबाकू के दो पैकेट, सिगरेट के चार पैकेट (जिनमें मार्लबोरो गोल्ड एडवांस और अन्य ब्रांड शामिल थे), रोलिंग पेपर का एक पैकेट और पांच लाइटर बरामद किये।
इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा ने शुक्रवार को बताया कि बरामद सभी वस्तुओं को साक्ष्य के रूप में कब्जे में ले लिया गया है। कपूरथला स्थित कोतवाली पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223, कारागार अधिनियम 1894 की धारा 42 और विमान अधिनियम 1934 की धारा 10, 11 और 12 के तहत एफआईआर दर्ज की गयी है।
श्री तूरा ने बताया कि ड्रोन को उसकी उत्पत्ति का पता लगाने और उसके संचालन नियंत्रण का पता लगाने के लिए फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांचकर्ता दोषियों की पहचान करने और यह पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं कि क्या यह डिलीवरी का प्रयास किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था। अधिकारियों ने हालांकि बताया कि प्रतिबंधित सामान किसी भी कैदी तक नहीं पहुंचा, लेकिन इस घटना ने जेल सुरक्षा प्रबंधन में ड्रोन तकनीक से उत्पन्न बढ़ती चुनौतियों को उजागर किया है। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जेल परिसर के आसपास निगरानी बढ़ा दी है और सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत किया है।
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