नयी दिल्ली , नवंबर 18 -- केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय ने वस्त्र उद्योग में घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) स्कीम के तहत तीसरे दौर में 17 नये आवेदकों को स्वीकृति दे दी है, जिनमें करीब 2400 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जतायी गयी है।
कपड़ा मंत्रालय की मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में इसे एक महत्वपूर्ण प्रगति बताया गया। इसमें कहा है कि इससे इस क्षेत्र में निवेश में और तेज़ी आएगी, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और मानव निर्मित रेशे (एमएमएफ) परिधान, एमएमएफ फ़ैब्रिक और टेक्निकल टेक्सटाइल क्षेत्रों में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
नये स्वीकृत आवेदकों ने कुल 2,374 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जतायी है। प्रस्तावित परियोजनाओं से आने वाले वर्षों में 12,893 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित बिक्री और लगभग 22,646 लोगों के लिए रोजगार सृजन की उम्मीद है।
वस्त्र उद्योग के लिए पीएलआई स्कीम 24 सितंबर, 2021 को अधिसूचित की गयी थी, जिसका स्वीकृत परिव्यय 10,683 करोड़ रुपये है, ताकि एमएमएफ परिधान और फैब्रिक तथा टेक्निकल टेक्सटाइल उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके। इस स्कीम का उद्देश्य वस्त्र उद्योग को आवश्यक आकार और परिमाण प्राप्त करने, विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने और पर्याप्त रोजगार के अवसर सृजित करने में सक्षम बनाना है। चयन के पहले दो दौर में, स्कीम के तहत कुल 74 आवेदकों को मंजूरी दी गयी है।
हाल ही में, मंत्रालय ने उद्योग की सहभागिता को और बढ़ाने के लिए स्कीम में बड़े संशोधनों को अधिसूचित किया है। नये आवेदन स्वीकार करने के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल 31 दिसंबर, 2025 तक फिर से खोल दिया गया है। इच्छुक कंपनियां योजना में भागीदारी के लिए मंत्रालय के पोर्टल पर आवेदन कर सकती हैं।
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