नयी दिल्ली , जनवरी 08 -- कपड़ा मंत्रालय ने असम के गुवाहाटी में 15 राज्यों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) कर कपड़ा उद्योग को अनुभव आधारित नीति निर्माण के साथ नयी ऊंचाई देने की महत्वपूर्ण पहल की है।
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने देशभर के कपड़ा मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में गुरुवार को इन समझौतों को परिवर्तनकारी कदम बताया और कहा कि यह समझौता कपड़ा मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारों के बीच 'कपड़ा केंद्रित अनुसंधान, मूल्यांकन, निगरानी, योजना और स्टार्ट-अप (टेक्स रैम्पस)' योजना का हिस्सा हैं। उनका कहना है कि यह समझौता केंद्रीय योजना के तहत हुए हैं जो कपड़ा उद्योग, कपड़ा उत्पादन डाटा सिस्टम और अनुसंधान की कवरेज, गुणवत्ता, समयबद्धता और विश्वसनीयता में सुधार करती है।
श्री सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार कपड़ा क्षेत्र में उत्पादन, निर्यात और स्थिरता में सामंजस्य स्थापित करने के लिए स्थिर और संतुलित तरीके से काम कर रही है। उनका कहना था कि कपड़ा मंत्रियों के सम्मेलन का उद्देश्य देश के कपड़ा उद्योग को मजबूत करने के लिए एक सशक्त रोडमैप तैयार करना है। इस समझौते का मकसद इस सम्मेलन के जरिए विचार-मंथन कर, नवाचार और विचार साझा कर एक दूसरे को प्रोत्साहित करना है।
केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के कपड़ा मंत्रियों से निवेशक अनुकूल नीतियां बनाने का आग्रह किया और कहा कि राज्य स्तर पर कपड़ा क्षेत्र में अधिक निवेश आकर्षित करने की आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दो दिन के इस सम्मेलन में विचार-विमर्श के जरिए आगे का मार्ग प्रशस्त करने में मदद मिलेगी।
पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कपड़ा क्षेत्र में मजबूती और विकास को प्राथमिकता दी है और सरकार पूर्वोत्तर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और समग्र विकास में तेजी लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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