पटना , नवंबर 09 -- बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में कटिहार जिले में 11 नवंबर को होने वाले चुनाव में सभी सात सीटों पर रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा, वहीं दो सीटों कोढ़ा (सुरक्षित) और प्राणपुर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और महागठबंधन की महिला उम्मीदवारों के बीच रोचक मुकाबले की संभावना है।
कटिहार जिले में सात विधानसभा क्षेत्र कटिहार, कदवा, कोढ़ा (सुरक्षित), बरारी, बलरामपुर,मनिहारी और प्राणपुर है। कटिहार, कोढ़ा (सुरक्षित) और प्राणपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कदवा और मनिहारी में कांग्रेस, बरारी में जनता दल यूनाईटेड (जदयू) और बलरामपुर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माक्सर्वादी लेनिनवादी (भाकपा माले ) का कब्जा है।
कटिहार सीट पर भाजपा ने पूर्व उप मुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है। महागठबंधन के घटक विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के टिकट पर पूर्व विधान पार्षद अशोक अग्रवाल के पुत्र सौरभ कुमार अग्रवाल चुनावी अखाड़े में उतरे हैं। निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व मंत्री प्रो.रामप्रकाश महतोमुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में लगे हुये है। भाजपा उम्मीदवार तार किशोर प्रसाद इस सीट पर लगातार चार बार जीत दर्ज कर चुके हैं और पांचवी बार अपना दम दिखाने के लिये बेताब हैं, वहीं पूर्व मंत्री प्रो. रामप्रकाश महतो यहां तीन बार जीत का परचम लहरा चुके हैं और इस बार चुनावी चौका लगाने के लिये प्रयासरत हैं।कटिहार विधानसभा क्षेत्र में 11 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं।
कदवा सीट से कांग्रेस ने विधायक शकील अहमद खान को उम्मीदवार बनाया है, वहीं जदयू ने यहां पूर्व सासंद दुलालचंद गोस्वामी को चुनावी समर में उतारा है। वर्ष 2020 में कांग्रेस प्रत्याशी शकील अहमद खान ने लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) उम्मीदवार चंद्रभूषण ठाकुर को पराजित किया था। जदयू उम्मीदवार सूरज प्रकाश रॉय तीसरे नंबर पर रहे थे। श्री गोस्वामी वर्ष 1995 में बारसोई के विधायक बने इसके बाद श्री गोस्वामी ने वर्ष 2000 और वर्ष 2005 में बारसोई विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2010 में भाजपा से टिकट नही मिलने पर श्री गोस्वामी ने बलरामपुर विधानसभा सीट से बतौर निर्दलीय किस्मत आजमायी और जीत हासिल की।इसके बाद श्री गोस्वामी जदयू में शामिल हो गये। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने श्री गोस्वामी को श्रम संसाधन मंत्री बना दिया। श्री गोस्वामी ने वर्ष 2015 में बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र से जदयू की टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा। श्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले दुलालचंद गोस्वामी को वर्ष 2019 के आम चुनाव में कटिहार लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का अवसर मिला। उन्होंने कांग्रेस के दिग्गजनेता तारिक अनवर को पराजित कर दिया और पहली बार सांसद बने। उसके बाद वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में कटिहार संसदीय सीट पर श्री अनवर ने श्री गोस्वामी को पटखनी दे दी। श्री गोस्वामी अब कदवा सीट पर हो रहे चुनाव में अपनी जीत की हैट्रिक लगाने की पुरजोर कोशिश करेंगे। कदवा सीट पर 16 प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं।
कोढ़ा (सुरक्षित) सीट से पूर्व विधायक महेश पासवान की पत्नी और विधायक कविता देवी एक बार फिर से भाजपा का 'कमल' खिलाने के लिये सियासी दंगल में उतरी हैं, वहीं कांग्रेस ने यहां पूर्व विधायक पूनम पासवान को उम्मीदवार बनाया है। वर्ष 2020 में भाजपा की उम्मीदवार कविता देवी ने कांग्रेस उम्मीदवार और तत्कालीन विधायक पूनम पासवान को पराजित कर दिया था। इस बार के चुनाव में भी कविता देवी और पूनम पासवान के बीच चुनावी मुकाबला देखने को मिलेगा।इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री ने तीन बार जीत दर्ज की है। कोढ़ा (सुरक्षित) सीट पर आठ उम्मीदवार चुनावी रणभूमि में डटे हुये हैं।
बरारी सीट से जदयू ने विधायक विजय सिंह को उम्मीदवार बनाया है, वहीं कांग्रेस ने तौकीर आलम को प्रत्याशी बनाया है। वर्ष 2020 में जदयू उम्मीदवार विजय सिंह ने राजद उम्मीदवार नीरज कुमार को पराजित किया था। बरारी सीट पर 14 उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं।
बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र से भाकपा माले के टिकट पर विधायक महबूब आलम फिर से चुनावी समर में उतरे हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने यहां संगीता देवी को उम्मीदवार बनाया है। वर्ष 2020 में भाकपा माले उम्मीदवार महबूब आलम ने विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) उम्मीदवार वरूण कुमार झा को पराजित किया था। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) उम्मीदवार संगीता देवी तीसरे नंबर पर रही थी। इस बार भी भाकपा माले उम्मीदवार महबूब आलम और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की उम्मीदवार संगीता देवी के बीच चुनावी मुकाबला देखने को मिलेगा। भाकपा माले उम्मीदवार श्री आलम ने यहां लगातार दो बार जीत दर्ज की है और अब वह यहां हैट्रिक लगाने के प्रयास में हैं। इस सीट पर 18 उम्मीदवार जोर आजमा रहे हैं।
मनिहारी विधानसभा सीट से कांग्रेस ने विधायक मनोहर प्रसाद सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। उसी सीट पर जदयू ने शम्भू कुमार सुमन पर दांव लगाया है।वर्ष 2020 में कांग्रेस उम्मीदवार मनोहर प्रसाद सिंह ने जदयू उम्मीदवार शम्भू कुमार सुमन को पराजित कर दिया था। इस बार भी कांग्रेस और जदयूके इन दोनों प्रत्याशियों के बीच चुनावी मुकाबला देखने को मिलेगा। मनिहारी सीट पर सात उम्मीदवार चुनावी संग्राम में उतरे हैं।
प्राणपुर विधानसभा सीट से भाजपा ने पूर्व मंत्री दिवंगत विनोद सिंह की पत्नी और विधायक निशा सिंह को चुनावी दंगल में उतारा है। राजद ने यहां इशरत परवीन को उम्मीदवार बनाया है। वर्ष 2020 में भाजपा की उम्मीदवार निशा सिंह ने कांग्रेस उम्मीदवार तौकीर आलम को पराजित किया था। निर्दलीय प्रत्याशीइशरत परवीन तीसरे नंबर पर रही थी। पूर्व मंत्री दिवंगत विनोद सिंह ने इस सीट पर तीन बार जीत दर्ज की है।प्राणपुर सीट पर 13 उम्मीदवार चुनावी दंगल में उतरे हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित