भुवनेश्वर , नवंबर 06 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा है कि कटक की ऐतिहासिक बाली यात्रा ओडिया लोगों के साहस, समुद्री कौशल और व्यापारिक भावना का जीवंत प्रमाण है तथा इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिलाने के प्रयास जारी हैं।

श्री माझी ने महानदी के तट पर बुधवार को बाली यात्रा के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्वी भारत का सबसे बड़ा सांस्कृतिक एवं व्यापारिक उत्सव माना जाने वाला यह वार्षिक मेला सदियों से आयोजित होता आ रहा है और ओडिशा की समृद्ध समुद्री विरासत का प्रतीक बना हुआ है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बाली यात्रा के लिए सरकारी अनुदान दो करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही महानदी रिवरफ्रंट विकास परियोजना के तहत कटक में नदी तटों के सौंदर्यीकरण के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

विकास परियोजनाओं पर प्रकाश डालते हुए श्री माझी ने कहा कि सरकार बाराबती किला और गदाखाई सहित विरासत तथा पर्यटन विकास परियोजनाओं पर काम कर रही है, जबकि "सिल्वर सिटी" कटक को तारकाशी (फिलिग्री) हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महानदी के किनारे स्थित धबलेश्वर और नंदीकिशोर तीर्थस्थलों का भी जल्द ही विकास किया जाएगा।

ओडिशा के 575 किलोमीटर लंबे समुद्र तट का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए बंदरगाह-आधारित अर्थव्यवस्था का निर्माण करना चाहती है। पारादीप, धामरा और गोपालपुर में प्रमुख बंदरगाहों के अलावा, राज्य भर में 14 छोटे बंदरगाहों की योजना बनाई गई है, जिनमें सुवर्णरेखा, अस्तरंगा और जटाधारा मुहाने पर विकास कार्य प्रगति पर है।

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