गांधीधाम , जनवरी 02 -- गुजरात में कच्छ के गांधीधाम में वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया ने वाइब्रेंट कच्छ जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुक्रवार को शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में कुल 334 एमएसएमई इकाइयों के साथ 8500 करोड़ रुपए के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
श्री मोढवाडिया ने गांधीधाम के डॉ. बाबासाहब आंबेडकर कन्वेंशन सेंटर में कहा कि कच्छ की सत्वशील जनता ने अनेक प्राकृतिक आपदाओं की पीड़ा झेलकर आज कच्छ को विकास का केन्द्र बनाया है। सरकार के विजन तथा कच्छियों की तेजस्वी शक्ति तथा सत्व से कच्छ औद्योगिक हब बना है। कच्छ इस बात का उदाहरण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता से एक प्रदेश का किस प्रकार कायाकल्प हो सकता है।
कच्छी जिस प्रकार चुनौतियों को स्वीकार करने वाली जनता है, उसी प्रकार प्रधानमंत्री ने कच्छ की चुनौतियों को अवसर में पलटकर कच्छ का अभूतपूर्व विकास किया है। एक समय पानी, रोजगार आदि मुद्दों से पीड़ित कच्छ आज अन्य राज्यों के लोगों को रोजगार दे रहा है। कच्छ आज टूरिज्म, खेती तथा औद्योगिक विकास में अग्रसर बना है। कच्छ रिन्यूएबल एनर्जी का हब बनने के साथ देश का 40 प्रतिशत कारगो हैंडल कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कच्छ के इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट के पीसीबी के निर्माण, ग्रीन हाइड्रोजन, डेटा सेंटर, ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों के विकास का मुख्य केन्द्र बन सकता है। ऐसे में उन्होंने निवेशकों का आह्वान किया कि वे इन क्षेत्रों में जुड़ें।
इस अवसर पर धोलेरा के विकास की चर्चा करते हुए वन एवं पर्यावरण मंत्री ने जोड़ा की चुनौतियों को अवसर में परिवर्तित करना प्रधानमंत्री के विजन में है। कोरोना काल में गिनती के दिनों में वैक्सीन बनाने से लेकर लोगों को देने तक का कार्य करके भारत ने अन्य देशों को पीछे छोड़ दिया था। आज भारत वैक्सीन हब बना है। उसी प्रकार सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट की चुनौतियों को स्वीकार कर उसके उत्पादन के लिए सज्ज हुआ भारत आने वाले वर्षों में आत्मनिर्भर बनकर दुनिया में अग्रसर बनेगा।
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