नयी दिल्ली , अक्टूबर 28 -- त्योहारी सीजन में वाहन, बिजली उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान आदि बनाने वाले उद्योगों के कारोबार में तेजी की बदौलत विनिर्माण क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन और बिजली उत्पादन क्षेत्र में स्वस्थ वृद्धि से सितंबर 2025 में औद्योगिक उत्पादन का मापने वाले देश के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में सालाना आधार पर चार प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी।
सितंबर 2024 में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि 3.2 प्रतिशत और अगस्त 2025 में 4.1 प्रतिशत थी।
इस बार सितंबर माह का औद्योगिक प्रदर्शन विशेष महत्व रखता है क्योंकि अमेरिका में भारत के सामान पर 50 प्रतिशत के ऊंचे शुल्क के बाद यह पहला महीना रहा जिसमें अमेरिका को होने वाले निर्यात पर पूरा असर दिखा है। इसके विपरीत 22 सितंबर को नवरात्र के पहले दिन से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती से घरेलू बाजार में मांग में तेजी दर्ज की गयी।
सरकार द्वारा मंगलवार को जारी प्रारंभिक सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन एक साल पहले की तुलना में 4.8 प्रतिशत ऊंचा रहा जबकि बिजली उत्पादन में 3.1 प्रतिशत की स्वस्थ वृद्धि दिखी। इस दौरान, खनन क्षेत्र का उत्पादन सालाना आधार पर 0.4 प्रतिशत घट गया।
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-सितंबर के दौरान औद्योगिकी उत्पादन सालाना आधार पर 3.0 प्रतिशत ऊंचा रहा।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा आज जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर माह में मोटर वाहन और ट्रेलर उद्योग की वृद्धि सालाना आधार पर 14.6 प्रतिशत, इलेक्ट्रिकल उपकरण उद्योग की 28.7 प्रतिशत, कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान उद्योग की 10.2 प्रतिशत, धातु फैब्रिकेशन एवं मशीन 7.4 प्रतिशत और बुनियादी धातुओं की उत्पादन वृद्धि दर 12.3 प्रतिशत रही।
इस दौरान रबर और प्लास्टिक के सामान में सालाना आधार पर 3.6 प्रतिशत की गिरावट आयी जबकि औषधि एवं औषधीय रसायनों के उत्पादन में 3.5 प्रतिशत और रसायनों एवं रासायनिक उत्पादों के क्षेत्र में 1.3 प्रतिशत का संकुचन देखा गया। प्रिंटिंग और रिकॉर्ड की हुई मीडिया के रिप्रोडक्शन क्षेत्र में चार प्रतिशत और कागज उद्योग में 3.2 प्रतिशत की गिरावट दिखी।
उपयोग के आधार पर वर्गीकृत उत्पादों के उत्पादन सूचकांक के आधार पर सितंबर में पूंजीगत सामान उद्योग के उत्पादन में 4.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। पिछले साल सितंबर में इस क्षेत्र की वृद्धि 3.5 प्रतिशत थी। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-सितंबर के दौरान पूंजीगत सामान उद्योग की वृद्धि 7.5 प्रतिशत (पिछले साल चार प्रतिशत) दर्ज की गयी है।
सितंबर में टिकाऊ उपभोक्ता सामान क्षेत्र का उत्पादन 10.2 प्रतिशत ऊंचा रहा जबकि इस वर्ष अप्रैल से सितंबर के बीच इस क्षेत्र की वृद्धि 4.9 प्रतिशत रही है। पिछले साल सितंबर में इस क्षेत्र की उत्पादन वृद्धि 6.3 प्रतिशत थी।
सितंबर में गैर-टिकाऊ उपभोक्ता सामान उद्योग का उत्पादन सालाना आधार पर 2.9 प्रतिशत घट गया जबकि पिछले साल इसी माह यह 2.2 प्रतिशत बढ़ा था। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में इस क्षेत्र का उत्पादन कुल मिलाकर 2.2 प्रतिशत संकुचित हुआ है।
सितंबर में अवसंरचना और निर्माण क्षेत्र के सामानों के उत्पादन में 10.5 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गयी। पहली छमाही में इस क्षेत्र में कुल मिलाकर 8.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दिखी है।
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