भरतपुर , जनवरी 23 -- राजस्थान में भरतपुर में शहर सौंदर्यीकरण के तहत सूरजपोल में ओवरब्रिज निर्माण के लिए करीब 280 साल पुराने हनुमान मंदिर और महात्मा ज्योतिराव फुले की प्रतिमा हटाने के प्रशासनिक फरमान के बाद सोमवार को सर्वसमाज में आक्रोश फैल गया है।

प्रशासनिक फरमान के विरोध में सैंकड़ों की संख्या में सर्वसमाज के महिलाओं पुरुषों एवं बच्चों ने सोमवार को सड़कों पर उतर कर प्रशासन एवं सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकाली और जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर मंदिर और प्रतिमा को यथास्थान रखे जाने की मांग की।

जनाक्रोश को देखते प्रशासन ने सर्वसमाज के लोगों को आश्वस्त किया है कि ओवरब्रिज निर्माण में मंदिर और प्रतिमा बाधा बनते हैं तभी उन्हें हटाया जाएगा अन्यथा यथास्थान रखने पर विचार किया जाएगा। समाज के लोगों का कहना है कि मंदिर हटाना जरूरी हो तो समीप के कंपनी बाग में मंदिर के लिए जमीन दी जाए। इस पर कलेक्टर ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए समय मांगा है।

सूरजपोल चौराहे पर प्रस्तावित ओवरब्रिज के लिए चल रहे निर्माण के दौरान सड़क के दोनों ओर बने ढांचों को हटाया जाना है। इसी स्थान पर करीब 280 साल पुराने हनुमान मंदिर और उसके पास महात्मा ज्योतिराव फुले की प्रतिमा स्थापित है, जिसे प्रशासन ने अतिक्रमण मानते हुए हटाने की तैयारी की है।

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