हैदराबाद , मार्च 09 -- तेलंगाना में भुवनगिरी लोक सभा सीट से कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने सोमवार को कहा कि विपक्षी दल के सदस्यों को लोकसभा में मुद्दों को उठाने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं देने के कारण अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया है।
बजट सत्र के दूसरे चरण के शुरू होने से पहले एक वीडियो बयान में, श्री रेड्डी ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी सांसदों को बोलने से रोकते हैं। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से जुड़े सांसदों को प्राथमिकता दी जा रही है।
सांसद ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे अध्यक्ष को सभी सदस्यों को अपने विचार व्यक्त करने का समान अवसर देना चाहिए। उन्होंने हालांकि आरोप लगाया कि 18वीं लोकसभा में विपक्षी दलों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी जा रही है और श्री गांधी जब भी बोलने का प्रयास करते हैं, उन्हें बार-बार रोका जाता है।
श्री रेड्डी ने दावा किया कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और अनुराग ठाकुर सहित कुछ सांसदों को बार-बार बोलने की अनुमति दी जा रही है, भले ही इसकी आवश्यकता न हो। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन की ऐसी कार्यप्रणाली देश की जनता को गलत संकेत दे रही है।
कांग्रेस नेता ने कुछ महिला सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमले के प्रयासों के कथित झूठे बयानों की भी आलोचना की और कहा कि इन घटनाक्रमों के कारण ही विपक्ष को अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा।
सांसद ने कहा कि लोकसभा में ईरान-इजरायल संघर्ष, आठ सांसदों के निलंबन और गैस एवं कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि निलंबित सांसदों को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान करने की अनुमति दी जाये।
श्री रेड्डी ने घोषणा की कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और सार्वजनिक मुद्दों पर सांसदों को बोलने के समान अवसर की मांग को लेकर विपक्षी दल संसद के 'मकर द्वार' पर धरना देंगे। उन्होंने कहा कि लोकसभा के सभी 543 सदस्यों को अविश्वास प्रस्ताव पर मत डालने की अनुमति दी जानी चाहिए।
सरकार की विदेश नीति की आलोचना करते हुए सांसद ने आरोप लगाया कि श्री मोदी आयात शुल्क और कच्चे तेल की खरीद जैसे मुद्दों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और उसे किसी विदेशी नेता के प्रभाव में काम नहीं करना चाहिए।
श्री रेड्डी ने मांग की कि प्रधानमंत्री देश को समझायें कि भारत कथित तौर पर अमेरिका के दबाव का सामना क्यों कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद में विपक्ष के विचारों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
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