भुवनेश्वर , अप्रैल 29 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को खनिज संपदा से संपन्न अपने गृह जनपद क्योंझर के बुनियादी ढांचे और समग्र विकास को नयी ऊंचाई देने के लिए 1,300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।

एक बड़े विकास सम्मेलन में अपने गृह जिले के एक दिवसीय दौरे पर आये मुख्यमंत्री ने कुल 1,330.24 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 187 परियोजनाओं की एक शृंखला समर्पित की । इसमें लगभग 705 करोड़ रुपये की 62 परियोजनाओं का शिलान्यास और करीब 251 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो चुकीं 24 परियोजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इसके अतिरिक्त, 101 आगामी परियोजनाओं के लिए 375 करोड़ रुपये के नये पैकेज का ऐलान किया गया।

आधुनिक शहरी परिवहन की दिशा में एक सशक्त कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने 25 अत्याधुनिक ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और 17 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 'अमा बस' डिपो का उद्घाटन किया। इस स्मार्ट सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का लक्ष्य नागरिकों को किफायती और सुरक्षित सफर की सुविधा मुहैया कराना है।

इन ई-बसों का किराया मात्र पांच रुपये से शुरू होगा। इससे यह दैनिक यात्रियों, विशेषकर निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए काफी सुगम हो जायेगा। ये सभी बसें पूरी तरह वातानुकूलित हैं और मुसाफिरों, खास तौर पर महिलाओं की हिफाजत सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम से लैस हैं।

यह पहल महिला सशक्तीकरण पर भी जोर देती है। इसके तहत रोजगार के लगभग 150 अवसर पैदा किये गये हैं। इनमें 30 महिला गाइड और दो महिला ड्राइवर शामिल हैं। यह कदम प्रमुख क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर राज्य सरकार के फोकस को और मजबूत करता है।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्योंझर ने राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जबकि अतीत में इसके साथ उपेक्षित व्यवहार किया गया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में विकास की गति तेज हुई है और घोषणा की कि जिले में एक मेगा स्टील प्लांट योजना के अंतिम चरण में है, जिसका शिलान्यास कार्य जल्द ही शुरू होगा। उन्होंने क्योंझर को भारत के अग्रणी औद्योगिक रूप से विकसित जिलों में से एक बनाने के दृष्टिकोण को दोहराया।

पर्यावरणीय लाभों पर मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि ई-बस सेवा से सालाना 330-390 टन कार्बन उत्सर्जन कम होने की उम्मीद है। ओडिशा के अन्य शहरों में भी इस सेवा का विस्तार करने की योजना है, जिसके रख-रखाव और विस्तार के लिए 238 करोड़ रुपये निर्धारित किये गये हैं।

इस अवसर पर छह लाभार्थियों के बीच 5.75 लाख रुपये की वित्तीय सहायता वितरित की गयी। इसमें विवाह सहायता के लिए 50,000 रुपये और मृत्यु मुआवजे के रूप में 3.05 लाख रुपये के साथ-साथ कई लाभार्थियों को 'उद्यमी' योजना के तहत वित्तीय मदद शामिल है।

इस कार्यक्रम में जिला योजना समिति के अध्यक्ष डॉ. फकीर मोहन नायक, सांसद अनंत नायक, पटना के विधायक अखिल चंद्र नायक, विशेष विकास परिषद की अध्यक्ष ममिता नायक और जिले के जिलाधिकारी विशाल सिंह समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

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