भुवनेश्वर , नवंबर 07 -- ओडिशा ने 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ समारोह में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। यह एक साल तक चलने वाला कार्यक्रम है जिसका उद्घाटन शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी लोक सेवा भवन में आयोजित एक समारोह में 'वंदे मातरम' के सामूहिक गायन में शामिल हुए।
उन्होंने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि यह केवल एक देशभक्ति गीत नहीं है बल्कि इसमें देशभक्ति, बलिदान और वीरता की अनुगूंज है। श्री माझी ने इसकी उत्पत्ति बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास 'आनंदमठ' से बताते हुए कहा कि 'वंदे मातरम' ने ऐतिहासिक रूप से स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीयों में जागरूकता, उत्साह और क्रांतिकारी भावना जगाने का काम किया था।
श्री माझी ने कहा कि इसका प्रभाव इतना गहरा था कि अंग्रेजों ने इस गीत पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो इसकी अपार शक्ति को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देशभक्ति के बिना राष्ट्रीय विकास असंभव है, चाहे वह किसी भी भाषा, धर्म या क्षेत्र का हो।
उन्होंने कहा, 'वंदे मातरम हमारे दिलों में देशभक्ति की लौ फिर से जगाता है।" उन्होंने सालभर चलने वाले इस उत्सव के जरिए युवाओं, छात्रों और बच्चों के प्रेरित होने की बात कही। श्री माझी ने 'वंदे मातरम' के सामूहिक गायन पर प्रकाश डालते हुए इसे कश्मीर से कन्याकुमारी तक राष्ट्रवाद की एक नई लहर पैदा करने वाला बताया।
उन्होंने घोषणा की कि अगले वर्ष सभी जिलों के स्कूल, कॉलेज, सरकारी निकाय और गैर-सरकारी संगठन देशभक्ति को और बढ़ावा देने के लिए सामूहिक गायन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित करेंगे।
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