भुवनेश्वर , जनवरी 05 -- ओडिशा सरकार ने राज्य भर में 'अमा बस' सेवाओं की निगरानी मजबूत करने, संचालन अनुशासन सुधारने और सुरक्षा मानकों को बढ़ाने के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।

हाल ही में एक 'अमा बस' से जुड़े दुर्भाग्यपूर्ण हादसे के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर सेवा सुरक्षा, संचालन और प्रबंधन पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। रविवार को हुई इस बैठक की अध्यक्षता आवास एवं शहरी विकास विभाग की प्रधान सचिव उषा पधे ने की। इसमें परिवहन आयुक्त अमिताभ ठाकुर, सीआरयूटी के प्रबंध निदेशक संजय बिस्वाल, उप पुलिस आयुक्त जगमोहन मीना, ट्रैफिक डीसीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सुश्री पधे ने कहा कि समिति हर 15 दिन में बैठक करके संचालन प्रदर्शन, सुरक्षा उपायों और यात्री सेवाओं की समीक्षा करेगी तथा जरूरी मुद्दों पर आपात बैठक भी बुला सकती है।

उन्होंने घोषणा की कि संचालन दक्षता बढ़ाने और अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए 'अमा बस' बेड़े में अतिरिक्त मिनी बसें जोड़ी जाएंगी। इसके साथ ही ड्राइवरों की भर्ती प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा। नव नियुक्त ड्राइवरों को कड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें शामिल होने से पहले अनिवार्य रूप से पांच दिन का मूल्यांकन होगा जिसमें ड्राइविंग कौशल, सड़क सुरक्षा जागरूकता, लेन अनुशासन और व्यवहार मानकों का आकलन किया जाएगा।

आने वाले एक महीने तक समग्र प्रबंधन पर करीबी नजर रखी जाएगी ताकि सुरक्षा और संचालन मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके। राजधानी के व्यस्त रुपाली स्क्वायर पर रविवार को हुए हादसे-जिसमें एक ऑटोरिक्शा चालक की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए-को "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" बताते हुए सुश्री पधे ने कहा कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सभी संभव कदम उठाए जाएंगे।

हादसे की जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी। सकारात्मक व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ड्राइवरों और कंडक्टरों को मासिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। सभी संचालित बसों की यांत्रिक स्थिति की रोजाना जांच करने का भी निर्णय लिया गया ताकि वे सड़क योग्य रहें।

सुश्री पधे ने दुर्घटना के आंकड़े साझा करते हुए कहा कि फरवरी से दिसंबर 2025 के बीच 'अमा बस' से जुड़े हादसों में सात लोगों की जान गई और 97 अन्य घायल हुए। यातायात अनुशासन मजबूत करने के लिए 'अमा बस' सेवाओं के लिए लेन ड्राइविंग अनिवार्य कर दी गई है। पुलिस और ट्रैफिक पुलिस स्मार्ट सिटी निगरानी प्रणाली के माध्यम से 'अमा बस' की आवाजाही पर नजर रखेंगे।

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