भुवनेश्वर , जनवरी 03 -- ओडिशा सरकार ने भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में प्रस्तावित मेगा न्यू सिटी मास्टर प्लान को तेज़ी से पूरा करने की दिशा में कदम उठाए हैं। यह परियोजना राज्य की शहरी विकास एजेंसियों और सिंगापुर की अवसंरचना कंपनी सुरबाना जुरोंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त समन्वय से आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उल्लेखनीय है कि भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण और सुरबाना जुरोंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के बीच पिछले वर्ष 17 जनवरी को सिंगापुर के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। न्यू सिटी मास्टर प्लान तैयार करने के लिए सेवाओं के दायरे का मसौदा अब अंतिम रूप दे दिया गया है।

लगभग 800 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित न्यू सिटी के प्रस्ताव में भुवनेश्वर विकास योजना क्षेत्र के अंतर्गत गोठापटना, मलिपाड़ा और दासपुर मौजा शामिल हैं। राज्य मंत्रिमंडल ने इस परियोजना के विकास को 10 सितंबर को हुई बैठक में पहले ही मंजूरी दे दी थी।

इस संबंध में गुरुवार को ओडिशा के आवास एवं शहरी विकास विभाग की प्रधान सचिव उषा पाधी की अध्यक्षता में एक वर्चुअल बैठक आयोजित की गई, जिसमें सिंगापुर की कंपनी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में न्यू सिटी मास्टर प्लान की तैयारी के लिए सेवाओं के मसौदा दायरे पर चर्चा कर उसे अंतिम रूप दिया गया।

खारवेल भवन में हुई इस बैठक में भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष चंचल राणा, आवास एवं शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त सचिव शत्रुघ्न कर सहित विभाग और बीडीए के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

तय दायरे के अनुसार, सुरबाना जुरोंग न्यू सिटी मास्टर प्लान का परियोजनाकरण करेगी, जिसमें अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक प्राथमिक परियोजनाओं की पहचान की जाएगी। इसके साथ ही उद्देश्यों, कार्यक्षेत्र, समयसीमा और प्रारंभिक शहरी डिज़ाइन को भी परिभाषित किया जाएगा। कंपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने में तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन भी प्रदान करेगी।

इस दायरे में एक व्यापक शहरी डिज़ाइन ढांचा और दिशानिर्देश तैयार करना भी शामिल है, जिसमें शहर की समग्र स्थानिक और विकास संरचना को रेखांकित किया जाएगा। विकसित किए जाने योग्य क्षेत्रों, प्रमुख परियोजनाओं, सिटी सेंटर, एंकर विकास और सार्वजनिक स्थलों के लिए विस्तृत डिज़ाइन दिशानिर्देश दिए जाएंगे, जबकि वन क्षेत्रों और अन्य अविकास योग्य क्षेत्रों के लिए प्रारंभिक दिशानिर्देश तय किए जाएंगे, ताकि एक समन्वित और एकीकृत मास्टर प्लान सुनिश्चित हो सके।

प्रधान सचिव उषा पाधी ने भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण को सभी हितधारकों के साथ करीबी समन्वय बनाए रखने और समयसीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यू सिटी मास्टर प्लान का शीघ्र पूरा होना भुवनेश्वर के नियोजित, सतत और भविष्य के लिए तैयार शहरी विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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