भुवनेश्वर , अक्टूबर 28 -- ओडिशा सरकार ने चक्रवात मोन्था से प्रभावित होने की आशंका वाले आठ जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से 1,000 से अधिक गर्भवती महिलाओं को निर्बाध मातृ देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये सुरक्षित स्थानों पर भेजा है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने चक्रवात के प्रभाव से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। प्रमुख सचिव अश्वथी एस. ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों की तैयारियों की समीक्षा की है।

इस समीक्षा बैठक में इस बात की पुष्टि की गयी कि रेड अलर्ट वाले मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़, गजपति, गंजम, कालाहांडी, नवरंगपुर और कंधमाल जिलों के साथ-साथ ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले अन्य जिलों में सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्य भर में 4,511 गर्भवती महिलाओं की पहचान की गयी है, जिनमें से 3,823 आठ रेड अलर्ट वाले जिलों से संबंधित हैं।

सोमवार शाम तक निचले और वर्षा प्रभावित क्षेत्रों से 1,073 महिलाओं को प्रसूति गृहों और स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से 202 महिलाओं का सुरक्षित प्रसव हो चुका है।

सभी डॉक्टरों, फार्मासिस्टों और स्वास्थ्य कर्मियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हर जिले में वाहनों, चिकित्सा उपकरणों और सहायक कर्मचारियों के साथ रैपिड एक्शन टीमें तैनात की गई हैं। अस्पतालों को डीजी सेट और इन्वर्टर, आवश्यक दवाएं, सर्प-निरोधक, ओआरएस, हैलोजन टैबलेट और जीवन रक्षक दवाओं से सुसज्जित किया गया है। एम्बुलेंस के लिए पर्याप्त डीजल, सूखा भोजन और अन्य आपातकालीन आपूर्ति का भंडार रखा गया है।

प्रमुख सचिव ने जिला अधिकारियों को आपातकालीन इकाइयों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने, एम्बुलेंस को तैयार रखने का निर्देश दिया। प्रत्येक जिले को अप्रत्याशित जरूरतों को पूरा करने के लिए दो लाख रुपये का आपातकालीन कोष प्रदान किया गया है, साथ ही आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधनों और चिकित्सा आपूर्ति की व्यवस्था भी की गयी है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को पूर्वी तटीय रेलवे (ईसीओआर) और दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) के अधिकारियों को चक्रवात 'मोंथा' के बाद हाई अलर्ट पर रहने और रेल सेवाओं की शीघ्र बहाली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। श्री वैष्णव ने दोनों जोनों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चक्रवात की तैयारियों पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश जारी किये।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में पूर्वी तट पर आने वाले चक्रवाती तूफान के मद्देनजर रेलवे नेटवर्क की तैयारियों का आकलन किया गया। केंद्रीय मंत्री ने यात्री सुरक्षा, रेल नियमन, बहाली योजना और स्थानीय प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ समन्वय के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की है।

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