भुवनेश्वर , नवंबर 13 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घोषणा की है कि राज्य जल्द ही क्लासिक ओडिया फिल्मों के स्वरूप को बरकरार रखने और संरक्षण के लिए फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेगा।
मुख्यमंत्री ने बुधवार रात 10वीं फिल्म संरक्षण और जीर्णोद्धार कार्यशाला, 2025 का उद्घाटन करते हुए कहा, "हमारा ओडिया सिनेमा हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह अपने भीतर अनगिनत यादें समेटे हुए है। जब हम इसे संरक्षित करने का प्रयास करेंगे, तो ये यादें फिर से जीवंत हो उठेंगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी।"भारतीय फिल्म संरक्षण और जीर्णोद्धार कार्यशाला का 10वां संस्करण भुवनेश्वर में ओडिशा सरकार के हथकरघा, वस्त्र और हस्तशिल्प विभाग, फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार महासंघ (एफआईएएफ) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है।
इस आयोजन में देश-विदेश के जाने-माने फिल्म निर्माताओं, शोधकर्ताओं और संरक्षणकर्ताओं ने भाग लिया। उद्घाटन समारोह में दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान उपस्थित थीं, जबकि अमिताभ बच्चन ने भी वर्चुअल माध्यम से इसमें शामिल होकर अपना समर्थन व्यक्त किया।
श्री माझी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि फिल्म संरक्षण केवल एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला फिल्म निर्माताओं और तकनीशियनों को सशक्त बनाएगी और साथ ही ओडिया फिल्म उद्योग को मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ ही वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने ओडिया भाषा की दो प्रतिष्ठित फिल्मों 'कनकलता' (1973) और 'मायामृग' (1984) के स्वरूप को बरकरार रखने के लिए फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन का भी आभार व्यक्त किया।
ओडिशा के हथकरघा, वस्त्र और हस्तशिल्प मंत्री प्रदीप बालसामंत ने कहा कि सिनेमा राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का दर्पण है। उन्होंने कहा कि फिल्मों का संरक्षण यह सुनिश्चित करता है कि हर रील में कैद यादें और कलात्मक अभिव्यक्तियाँ आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवित रहें।
अभिनेता अमिताभ बच्चन ने अपने वर्चुअल संबोधन में ओडिशा की समृद्ध सिनेमाई परंपरा की सराहना की। उन्होंने नीरद महापात्र, मनमोहन महापात्र, घनश्याम महापात्र, प्रफुल्ल सेनगुप्ता, निताई पालित, पार्वती घोष, प्रशांत नंदा, उत्तम मोहंती, बिजय मोहंती और झरना दास जैसी दिग्गज ओडिया फिल्म हस्तियों की भी उनके अमूल्य योगदान के लिए प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि इस समृद्ध परंपरा की शुरुआत 1936 में मोहन सुंदर देब गोस्वामी की फिल्म 'सीता बिबाहा' से हुई थी।
अभिनेत्री वहीदा रहमान ने देश की फिल्म विरासत के संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी कदम उठाने के लिए ओडिशा सरकार की सराहना की।
समारोह के दौरान, रॉबिन बेकर को उत्कृष्ट फिल्म विरासत पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जबकि संजय पटनायक और सूर्य देव को सिनेमा में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए चैंपियन ऑफ फिल्म हेरिटेज पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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