भुवनेश्वर , फरवरी 19 -- ओडिशा विधानसभा में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन विपक्षी सदस्यों के हंगामे और भारी विरोध प्रदर्शन के कारण सदन की कार्यवाही बाधित रही, जिससे विधायी कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।

विपक्ष के शोर-शराबे के कारण विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी को सदन की कार्यवाही पहले 11:30 बजे तक और बाद में शाम 4:00 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

सुबह 10:30 बजे प्रश्नकाल शुरू होते ही बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस के सदस्य हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सदन के बीचों-बीच आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। बीजद विधायक राज्य में धान खरीद संकट और भाजपा सरकार की कथित किसान विरोधी नीतियों का विरोध कर रहे थे। वहीं, कांग्रेस सदस्यों ने भाजपा के 2024 के चुनावी घोषणा पत्र का हवाला देते हुए 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

अध्यक्ष ने बार-बार विपक्षी सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया, लेकिन सदस्य नहीं गए। शोर-शराबे के बीच संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिंग ने एक सवाल का जवाब देने की कोशिश की, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने उनके सामने बैनर लहराकर बाधा उत्पन्न की। अव्यवस्था बनी रहने पर अध्यक्ष ने कार्यवाही 11:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोबारा बैठक शुरू होने पर भी स्थिति नहीं बदली और शून्यकाल के दौरान फिर से हंगामा शुरू हो गया, जिसके बाद सदन को शाम 4:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

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