भुवनेश्वर , मार्च 21 -- ओडिशा के वन्यजीव पैनल ने बुनियादी ढांचे के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए सिंचाई और पेयजल से जुड़ी छह परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति ने अपनी 12वीं बैठक में इन प्रस्तावों को स्वीकृति दी। बैठक की अध्यक्षता वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने की। समिति ने इन परियोजनाओं को आगे की मंजूरी के लिए अनुशंसित भी किया है।

यह समिति वन्यजीव (संरक्षण) (संशोधन) अधिनियम, 2022 की धारा 6(ए) के तहत कार्य करती है और विकास परियोजनाओं को वन्यजीव संरक्षण के साथ संतुलित रूप से परखती है।

छह परियोजनाओं में से तीन अंगुल और मयूरभंज जिलों में सिंचाई ढांचे के विस्तार से जुड़ी हैं। इनका उद्देश्य कृषि के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाना, फसल उत्पादन को स्थिर करना और ग्रामीण आजीविका को समर्थन देना है।

शेष तीन परियोजनाएं दूरदराज और पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने से संबंधित हैं। इनमें सतकोसिया वन्यजीव अभयारण्य, सिमलीपाल वन्यजीव अभयारण्य और चंडका दंपारा वन्यजीव अभयारण्य के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। इन पहलों से इन इलाकों में सार्वजनिक स्वास्थ्य स्थितियों में सुधार होने की उम्मीद है।

विस्तृत विचार-विमर्श के बाद समिति ने सभी छह प्रस्तावों को मंजूरी देकर राज्य वन्यजीव बोर्ड के अध्यक्ष, यानी मुख्यमंत्री, को अंतिम स्वीकृति के लिए भेजने की सिफारिश की है। इसके बाद प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को भेजा जाएगा।

बैठक में विधायक इरासिस आचार्य, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और वन्यजीव विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे, जिन्होंने विकास और पर्यावरणीय संतुलन को लेकर अपने सुझाव दिए।

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