भुवनेश्वर , जनवरी 03 -- ओडिशा में सतर्कता विभाग ने बीते साल भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 18.3 किलोग्राम सोना, 36.69 करोड़ रुपये की जमा राशि और 8.8 करोड़ रुपये नकद जब्त करने में सफलता हासिल की है।

यह जानकारी मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी को यहां शुक्रवार को आयोजित एक बैठक में दी गयी। श्री मांझी ने सतर्कता विभाग की इस समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कि ओडिशा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है और जब जरूरत है कि विभाग से राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए तेज अभियान चलाए। उन्होंने कहा कि अपने 20 वर्ष के इतिहास में इस विभाग ने अपनी सक्रियता की बेहतर मिसाल पेश की है और उसने कई भ्रष्ट अधिकारियों को गिरफ्तार करने में भी सफलता हासिल की है।

बैठक में बताया गया कि एक अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 के बीच राज्य सरकार ने सतर्कता विभाग को 125 मामलों की जांच करने का निर्देश दिया गया। यह बीते नौ महीने की अवधि में एक रिकॉर्ड संख्या है। इसके अलावा, 2025 में कुल 488 मामलों का निपटारा किया गया। इनमें से 173 मामले आय से अधिक संपत्ति से संबंधित थे जो अब तक का सबसे उच्चतम आंकड़ा है। गत वर्ष 487 स्थानों पर सतर्कता अभियान चलाए गए, जिसके परिणामस्वरूप रिश्वत एवं आय से अधिक संपत्ति मामलों में कार्रवाई की गई।

इन अभियानों के अंतर्गत, सरकारी कर्मचारियों के 1,199 भ्रष्ट बैंक खातों पर कार्रवाई की गयी। विभाग ने 153 इमारतें, 417 भूखंड, 12 फार्महाउस, 18.3 किलोग्राम सोना, 36.69 करोड़ रुपये की जमा राशि और 8.8 करोड़ रुपये नकद भी जब्त किए।

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