भुवनेश्वर , जनवरी 06 -- ओडिशा में बरगढ़ जिले में पद्मपुर की यौन अपराध बाल संरक्षण(पॉस्को) अदालत ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक फैसले में छह साल की बच्ची के दुष्कर्म और बेरहमी से हत्या के मामले में दोषी व्यक्ति को मृत्युदंड की सज़ा सुनाई।
अदालत ने 37 गवाहों की गवाही और मजबूत फोरेंसिक सबूतों के आधार पर आरोपी प्रशांत बाग उर्फ बरिहा को भारतीय दंड संहिता (धारा 140(1), 103, 65(2), 66) और पॉस्को अधिनियम की (धारा 6) की संबंधित धाराओं के तहत दोषी पाया। अदालत ने पीड़ित परिवार को 15 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है।
अभियेाजन पक्ष के मुताबिक पाइकमाल थाना क्षेत्र के सोडा गांव में आरोपी ने 15 नवंबर 2024 को पीड़ित सहित तीन नाबालिग लड़कियों को गांव के तालाब से मछली पकड़ने के बहाने बहला-फुसलाकर यह घिनौना अपराध किया था। बाद में उसने पीड़ित को उसके साथियों से अलग करके दुष्कर्म करने की घिनौनी साजिश रची। पकड़े जाने से बचने के लिए दोषी ने बाद में बच्ची का सिर पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। बरगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक प्रहलाद साहा मीणा की सीधी देखरेख में और पुलिस निरीक्षक ममता नायक के नेतृत्व में की गई जांच में पक्के सबूत इकट्ठा करने के लिए डीएनए एनालिसिस सहित आधुनिक फोरेंसिक तरीकों का इस्तेमाल किया गया।
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