भुवनेश्वर , फरवरी 7 -- बीजू जनता दल (बीजद) ने शनिवार को भाजपा अगुवाई वाली ओडिशा सरकार पर 13 राज्य विश्वविद्यालय में कुलपतियों की नियुक्ति में 'बेवजह और चिंताजनक देरी' को लेकर तीखा हमला किया। उसने चेतावनी दी कि अगर यह मुद्दा हल नहीं हुआ तो राज्य भर में आंदोलन किया जायेगा।
संवादादाता सम्मेलन में बीजद विधायक और पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री अरुण साहू, बीजू युवा जनता दल के अध्यक्ष चिन्मय साहू और बीजू छात्र जनता दल की नेता इप्सिता साहू ने भाजपा सरकार पर उच्च शिक्षा प्रणाली को व्यवस्थित तरीके से कमजोर करने और अकादमिक संस्थानों के 'भगवाकरण' की कोशिश का आरोप लगाया।
श्री अरुण साहू ने याद दिलाया कि विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2020 उच्च शिक्षा प्रणाली में मौजूदा गड़बड़ियों को दूर करने के लिए लाया गया था। उस समय के राज्यपाल प्रोफेसर गणेशी लाल की सिफारिश पर ओडिशा लोक सेवा आयोग (ओपीएससी) को शिक्षकों की भर्ती की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी।
श्री साहू ने कहा कि लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार ने 2024 में एक नये विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पेश किया। इसके बाद 2025 में एक और संशोधन किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन संशोधनों ने कुलपति नियुक्ति के लिए खोज समितियों के गठन को नियंत्रण करने वाले नियमों में काफी बदलाव किया। पहले नियुक्ति पूरी तरह से योग्यता के आधार पर किये जाते थे। बदले प्रावधान 'तथाकथित प्रतिष्ठित व्यक्ति' की नियुक्ति की इजाजत देते हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम पारदर्शिता से समझौता करता है।
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