भुवनेश्वर , जनवरी 06 -- ओडिशा मे विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) ने चेतावनी दी है कि यदि इसी तरह अवैध खनन जारी रहा, तो अगले पांच वर्षों में राज्य के सभी खनिज संसाधन समाप्त हो जाएंगे।

राज्य के ढेंकानाल जिले में अवैध खनन के दौरान हुए विस्फोट में दो मजदूरों की मौत ने प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों की खुलेआम लूट की ओर सबका ध्यान खींचा है।

बीजद प्रवक्ता एवं मीडिया समन्वयक लेनिन मोहंती ने आरोप लगाया है कि ढेंकानाल जिले के गोपालपुर गांव में अवैध डोलोमाइट खदान में हुए विस्फोट में दो गरीब मजदूरों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने इस गैरकानूनी खनन की अनुमति दी थी।

श्री मोहंती ने आरोप लगाया कि खदान का परमिट और लीज कुछ महीने पहले खत्म होने के बावजूद वहां खनन जारी था। खदान के 'ब्लास्टिंग परमिट' की अवधि 30 सितंबर, 2025 को समाप्त हो गई थी, जबकि इसकी लीज 31 दिसंबर, 2025 को खत्म हो गई थी। यहां तक कि ढेंकानाल के जिलाधिकारी आशीष एलोहिम पाटिल ने भी स्वीकार किया कि खनन लाइसेंस 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो गया था। यह सरकारी संरक्षण में चल रहे अवैध खनन का प्रमाण है।

विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इस दुर्घटना की उचित जांच की मांग की है। श्री पटनायक ने 'एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा, "ढेंकानाल की खदान में विस्फोट के बाद चट्टान गिरने से मजदूरों की मौत की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है। मैं परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। उन परिस्थितियों की उचित जांच की जानी चाहिए जिनमें यह घटना हुई और मजदूरों की सुरक्षा के क्या उपाय थे। सरकार को बचाव कार्यों में तेजी लाने पर ध्यान देना चाहिए।"इससे पहले भी ओडिशा विधानसभा के उपाध्यक्ष एवं बालासोर से सांसद ने भी मुख्यमंत्री को अलग-अलग पत्र लिखकर सुवर्णरेखा नदी में अवैध रेत खनन के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की थी।

विपक्ष का आरोप है कि सरकार और सत्ताधारी दल के गुप्त समर्थन से राज्य में अवैध खनन बेरोकटोक जारी है। अपने दावे को साबित करने के लिए वे राज्य में प्रमुख और लघु खनिजों से होने वाले राजस्व संग्रह में आई गिरावट का हवाला देते हैं।

विपक्ष का कहना है कि प्रमुख खनिजों से राजस्व संग्रह 50,000 करोड़ रुपये से गिरकर 34,000 करोड़ रुपये रह गया है। इसी तरह, लघु खनिजों से राजस्व 14,085 करोड़ रुपये से घटकर 6,000 करोड़ रुपये पर आ गया है।

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