भुवनेश्वर , मार्च 08 -- ओडिशा पुलिस ने राज्य के मलकानगिरि जिले में एक अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो मुख्य सरगना रायपुर (छत्तीसगढ़) के निवासी बताये गये हैं।

पुलिस जांच में 142 'म्यूल' बैंक खातों की जांच की गई। जांच के दौरान पता चला कि इनमें से कई खाते ओडिशा के कोटपाड़ क्षेत्र के बिचौलियों द्वारा भोले-भाले लोगों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए)के भुगतान का झांसा देकर खुलवाए गए थे।

पुलिस के अनुसार इन खातों की पासबुक और मोबाइल नंबर इकट्ठा कर कुरियर के माध्यम से रायपुर में सक्रिय नेटवर्क तक पहुंचाए जाते थे, जहां से पूरे रैकेट का संचालन किया जा रहा था।

गहन जांच के बाद मलकानगिरी पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें रैकेट के दो मुख्य सरगना भी शामिल हैं। आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कई अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म संचालित कर रहे थे और विभिन्न बैंक खातों तथा डिजिटल भुगतान चैनलों के जरिए लेनदेन कर रहे थे। इसके लिए संगठित और तकनीकी रूप से उन्नत नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा था।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने विभिन्न राज्यों में भुगतान और सट्टेबाजी गतिविधियों के समन्वय के लिए कई व्हाट्सऐप समूह भी बनाए थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने डिजिटल उपकरण और वित्तीय दस्तावेज भी जब्त किए हैं। मामले की आगे जांच जारी है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सके।

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