भुवनेश्वर , नवंबर 1 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा है कि उनके राज्य ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाई है और बेंगलुरु के बाद, यह भारत की नई इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राजधानी के रूप में तेज़ी से उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को भुवनेश्वर के इन्फोवैली में 2,000 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई के लिए एसआईसीएसईएम प्राइवेट लिमिटेड के शिलान्यास समारोह में कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में ओडिशा की यात्रा तेज़ी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि नई सुविधा में उत्पादित सेमीकंडक्टर का उपयोग मिसाइलों, इलेक्ट्रिक वाहनों, रक्षा उपकरणों, रेलवे और सौर ऊर्जा प्रणालियों में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि एसआईसीएसईएम प्राइवेट लिमिटेड ने 64 करोड़ रुपये के निवेश से आईआईटी भुवनेश्वर में एक अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र भी स्थापित किया है।
इसके अतिरिक्त, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास (एमपीएलएडी) कोष से आईआईटी भुवनेश्वर में "नमो सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला" स्थापित करने के लिए 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। माझी ने कहा कि इस पहल से छात्रों के लिए सेमीकंडक्टर तकनीक में उन्नत शोध के अधिक अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत हर मिशन में "चिप से जहाज" की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ओडिशा सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में आत्मनिर्भरता का एक नया अध्याय लिख रहा है और प्रधानमंत्री के सेमीकंडक्टर मिशन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि दो कंपनियों ने हाल ही में नई दिल्ली में ओडिशा में सेमीकंडक्टर इकाइयाँ स्थापित करने के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।
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