भुवनेश्वर , दिसंबर 08 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को राज्य विधानसभा को बताया कि पूरे राज्य में 71 अवैध बंगलादेशी प्रवासियों की पहचान की गई है।
कांग्रेस विधायक सी. एस. राजन एक्का के एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देश पर गठित एक विशेष दस्ते ने अब तक 2,109 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की है। इनमें से 2,025 को भारतीय नागरिक के रूप में सत्यापित किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया, जबकि 13 व्यक्तियों की पहचान की जांच अभी भी जारी है।
उन्होंने बताया कि 71 लोगों की अवैध बंगलादेशी प्रवासी के रूप में पुष्टि की गयी है। इनमें भुवनेश्वर के 24, कटक के 15, बरहामपुर के 6, कोरापुट और गंजाम के एक-एक, कंधमाल के 4 और जगतसिंहपुर के 20 लोग शामिल हैं। पहचान किए गए व्यक्तियों में से 49 को पहले ही निर्वासित किया जा चुका है। दो अन्य को गंजाम और कंधमाल से गिरफ्तार किया गया तथा कथित तौर पर जाली दस्तावेजों का उपयोग करके भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करने के आरोप में अदालत में पेश किया गया। जगतसिंहपुर के 20 व्यक्तियों के निर्वासन प्रक्रिया अभी जारी है।
श्री माझी ने कहा कि, केंद्र सरकार के निर्देश के बाद, अवैध बंगलादेशी प्रवासियों की पहचान करने, हिरासत में लेने और निर्वासित करने के लिए सभी जिलों में विशेष दस्ते गठित किए गए हैं। पुलिस अधीक्षकों को इन अभियानों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सटीक पहचान और समय पर डिपोर्टेशन सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय, बीएसएफ, पश्चिम बंगाल खुफिया एजेंसियों और केंद्रीय खुफिया इकाइयों के साथ समन्वय मजबूत किया गया है।
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