भुवनेश्वर , अप्रैल 22 -- ओडिशा सरकार ने राज्य की सभी विशाल पाइप पेयजल परियोजनाओं को मार्च 2027 तक पूरा कर 32,233 गांवों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

पंचायती राज और पेयजल विभाग की ग्रामीण पेयजल आपूर्ति परियोजनाओं की बुधवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यह लक्ष्य तय किया गया। आयुक्त-सह-सचिव एस.एन. गिरीश ने राज्य भर में चल रही परियोजनाओं की प्रगति और स्थिति की समीक्षा की। बैठक के दौरान, ग्रामीण क्षेत्रों में विशाल पाइप जलापूर्ति परियोजनाओं के कार्यान्वयन और कामकाज के साथ-साथ अन्य पेयजल योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। सरकार ने हर ग्रामीण घर तक पाइप से पेयजल पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक में प्रस्तुत सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में विशाल जल परियोजनाओं, एकल ग्राम योजनाओं और सौर ऊर्जा संचालित पाइप जल प्रणालियों के माध्यम से कार्य चल रहा है। 207 विशाल पेयजल परियोजनाओं में से अब तक 30 पूरी हो चुकी हैं, जबकि 55 परियोजनाओं ने 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर लिया है। ऐसी सभी परियोजनाओं को मार्च 2027 तक पूरा करने की योजना है।

अन्य श्रेणियों में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। 19,017 एकल ग्राम पेयजल परियोजनाओं में से 18,411 पहले ही पूरी हो चुकी हैं। इसी प्रकार, 8,599 सौर ऊर्जा संचालित पाइप जलापूर्ति परियोजनाओं में से 6,146 पूरी हो चुकी हैं और शेष परियोजनाओं को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश चल रहे कार्य अपने अंतिम चरण में हैं और मामूली समस्याओं को सुलझाने के बाद जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।

इसके अतिरिक्त, पानी की पहुंच को मजबूत करने के लिये पिछले दो वर्षों में राज्य भर में 28,750 नलकूप लगाये गये हैं। बैठक में भारत सरकार के जल जीवन मिशन 2.0 (हर घर जल) के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की गई, जिसमें खंड, पंचायत, गांव और घरों के स्तर पर जलापूर्ति सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। केंद्र के साथ हुये समझौतों और नई स्वीकृत राज्य रखरखाव नीति के अनुरूप कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया गया।

गर्मी के मौसम में बढ़ी मांग से निपटने के लिये पाइप जलापूर्ति प्रणालियों, सौर इकाइयों और नलकूपों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों और अभियंताओं को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि भीषण गर्मी के महीनों में किसी भी क्षेत्र को पेयजल की कमी का सामना न करना पड़े। वर्तमान में, 445 टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है, जबकि राज्य भर में 6,042 जलापूर्ति केंद्र स्थापित किये गये हैं। उपखंड स्तर पर नियंत्रण कक्ष जलापूर्ति से संबंधित सार्वजनिक शिकायतों का सक्रिय रूप से समाधान कर रहे हैं।

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