भुवनेश्वर , जनवरी 20 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को कहा कि इस्पात, खनन और भारी उद्योगों में अपनी पारंपरिक मजबूती के लिए पहचाना जाने वाला ओडिशा अब आधुनिक तथा उच्च-विकास वाले क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रहा है जो राज्य की औद्योगिक यात्रा में एक निर्णायक परिवर्तन को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने संसाधन-आधारित अर्थव्यवस्था से प्रौद्योगिकी-नेतृत्व वाले औद्योगिक पावरहाउस की ओर राज्य के बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा कि ओडिशा सतत विकास को गति देने के लिए रणनीतिक रूप से नए युग के क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने कोलकाता में आयोजित ओडिशा निवेशक रोड शो की सफलता के बाद कहा, "हम अत्याधुनिक क्षेत्रों में कार्यरत निवेशकों का स्वागत करते हैं। ओडिशा में निवेश करें और भविष्य के लिए तैयार अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनें।"उल्लेखनीय है कि ओडिशा की औद्योगिक दृष्टि का प्रदर्शन करने के लिये दिसंबर 2025 में हैदराबाद और जनवरी 2026 में कोलकाता में ओडिशा निवेशक सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आयोजित इन कार्यक्रमों में उभरते उद्योगों में ओडिशा की व्यापक संभावनाओं को दर्शाया गया है और भविष्य की आर्थिक संभावनाओं को अपनाने के लिए राज्य की तत्परता को प्रदर्शित किया गया।
इन आयोजनों के तहत दोनों शहरों में कुल छह क्षेत्र-विशेष गोलमेज बैठकों का आयोजित हुईं। हैदराबाद में दवाइयों तथा एयरोस्पेस एवं रक्षा क्षेत्रों पर चर्चा हुई, जबकि कोलकाता में होजरी, परिधान सहायक एवं तकनीकी वस्त्र; धातु सहायक, डाउनस्ट्रीम एवं इंजीनियरिंग उत्पाद; प्लास्टिक, रसायन, पैकेजिंग एवं रीसाइक्लिंग सहित अन्य क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया गया। इन बैठकों में कुल 123 कंपनियों के प्रमुखों ने भाग लिया। सामूहिक चर्चाओं के परिणामस्वरूप 1.67 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 1.46 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास को मजबूत गति मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय 'पूर्वोदय' दृष्टिकोण के अनुरूप, 2036 तक 'समृद्ध ओडिशा' बनने और 2047 तक 'विकसित भारत' में योगदान देने के लक्ष्य के साथ ओडिशा स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ नए युग के औद्योगिक क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है,उन्होंने जोर देकर कहा कि ओडिशा नए युग के उद्योगों के लिए आवश्यक सभी घटक उपलब्ध कराता है-चाहे वह अवधारणा और नवाचार हो, क्रियान्वयन, उत्पादन, लॉजिस्टिक्स या परिवहन। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य को पारादीप, धामरा, गोपालपुर, बहुदा और इंचुड़ी-सुवर्णरेखा जैसे प्रमुख बंदरगाहों के माध्यम से मजबूत वैश्विक संपर्क प्राप्त है और हवाई संपर्क के विस्तार और सुदृढ़ सड़क अवसंरचना का भी लाभ मिल रहा है।
निवेशकों को समर्पित औद्योगिक पार्क, एमएसएमई पार्क और विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) भी उपलब्ध हैं, जो परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन और विस्तार के लिए 'प्लग-एंड-प्ले' सुविधाएं प्रदान करते हैं। ओडिशा सरकार ने कुशल मानव संसाधन की अहम भूमिका को स्वीकार करते हुए संतुलित क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन सुनिश्चित करने के लिए भुवनेश्वर, संबलपुर और बरहामपुर में तीन अतिरिक्त विश्वस्तरीय कौशल केंद्र स्थापित करने की योजना की घोषणा की है।
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